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नीरजा के साथ पाकिस्तान में बैन भारतीय फिल्मों की सूची और लंबी हो गई है

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2016, 18:56 IST

यूं तो बॉलीवुड की फिल्मों को सरहद पार पाकिस्तान में दर्शक जमकर पसंद करते हैं. लेकिन बॉलीवुड की तमाम फिल्में ऐसी भी हैं जिन्हें पाकिस्तान में प्रतिबंधित कर दिया जाता है. आपत्तिजनक दृश्य वाली फिल्में बताते हुए वहां तमाम हिंदुस्तानी फिल्मों के प्रदर्शन पर रोक लगा दी जाती है. 

बीते वर्षों में वहां कई फिल्मों पर प्रतिबंध लगाने के बाद अब ताजा पाबंदी सोनम कपूर की फिल्म नीरजा भनोट पर है. कराची एयरपोर्ट पर 1986 में विमान हाईजैक करनेे पर बनी इस फिल्म को भी आपत्तिजनक दृश्य वाला बताया गया.

दिलचस्प बात है कि बीते तीन सालों में यह सोनम कपूर की तीसरी फिल्म है जिसे पाकिस्तान में बैन किया गया. इससे पहले रांझणा और भाग मिल्खा भाग को भी वहां पर प्रदर्शित होने से रोक दिया गया था. जानिए कि इससे पहले कौन-कौन सी फिल्में सरहद पार में प्रतिबंधित की गई थीं.

फैंटम (2015)

जमात उद दवाह प्रमुख और 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद ने इस फिल्म के प्रदर्शन पर पाबंदी लगाने के लिए लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. 

कैलेंडर गर्ल्स (2015)

मधुर भंडारकर की इस फिल्म को "आपत्तिजनक" संवाद वाला बताते हुए पाकिस्तान में प्रतिबंधित कर दिया गया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान संस्कृति मंत्रालय ने जिस डायलॉग पर आपत्ति जताई थी वो "पाकिस्तानी लड़कियां भी उतने ही बोल्ड काम करती हैं जितनी बाकी लड़कियां करती हैं, बल्कि कभी कभी उससे ज्यादा भी" है.

बेबी (2015)

खबरों की मानें तो पाकिस्तान के सेंसर बोर्ड ने अक्षय कुमार की इस फिल्म पर इसलिए पाबंदी लगाई क्योंकि उन्हें लगता था कि फिल्म में मुसलमानों की छवि को नकारात्मक ढंग से दिखाया गया है. 

बैंगिस्तान (2015)

रितेश देशमुख-पुलकित सम्राट अभिनीत इस फिल्म को तो केवल इसका ट्रेलर देखने के बाद ही "पाकिस्तान विरोधी- मुस्लिम विरोधी" बताते  हुए प्रतिबंधित कर दिया गया था.

हैदर (2014)

कश्मीर में सांप्रदायिक हमले की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म को भी पाकिस्तान के सिनेमाघरों में रिलीज नहीं होने दिया गया. कश्मीर से जुड़े विवादित दृश्य दिखाए जाने के कारण फिल्म को पाकिस्तानी सेंसर बोर्ड ने प्रदर्शन की स्वीकृति नहीं दी.

भाग मिल्खा भाग (2013)

द फ्लाइंग सिख के नाम से पहचाने जाने वाले मिल्खा सिंह के जीवन पर आधारित फरहान अख्तर और सोनम कपूर की इस फिल्म को भी पाकिस्तानी सिनेमाघरों में प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई.

रांझणा (2013)

विवादित विषय का आरोप लगाते हुए फिल्म पर पाबंदी लगाई गई. बताया जाता है कि विवाद का कारण फिल्म में मुसलमान युवती का हिंदू युवक से प्रेम करना था.

एक था टाइगर (2012)

पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े मुद्दे पर बनी इस फिल्म पर पाबंदी की भी वजह यही थी. जानकारी के मुताबिक इसमें पाकिस्तान की सुरक्षा एजेेंसियों से संबंधित तमाम विषय जुड़े थे.

एजेंट विनोद (2012)

करीना कपूर और सैफ अली खान की इस फिल्म में पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी आईएसआई के खिलाफ विषय के चलते इसके प्रदर्शन को रोक दिया गया.

द डर्टी पिक्चर (2011)

फिल्म की विषय वस्तु और उत्तेजक दृश्यों का हवाला देते हुए विद्या बालन की इस फिल्म को सिनेमाघरों में दिखाने के लिए उचित नहीं समझा गया.

तेरे बिन लादेन (2011)

इस्लामी चरमपंथियों द्वारा इस फिल्म के शीर्षक को गलत समझकर हमला किया जा सकता है, इस विचार से डरकर पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा इस पर पाबंदी लगा दी गई.

First published: 11 February 2016, 18:56 IST
 
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