Home » मनोरंजन » Veteran actresses Waheeda Rehman become 78
 

वहीदा रहमान: बड़ी मुश्किल से सिर्फ 'देव' बुलाने की हिम्मत जुटा पाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:52 IST

जानीमानी अभिनेत्री वहीदा रहमान आज 78 साल की हो गईं. वहीदा का जन्म 3 फरवरी, 1938 को आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में हुआ था.

साल 1956 में फिल्म 'सीआईडी' से इंडस्ट्री में अभिनय की शुरुआत करने वाली वहीदा को पहला ब्रेक निर्माता-निर्देशक गुरु दत्त ने दिया था. उसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा को 'प्यासा', 'कागज के फूल', 'प्रेम पुजारी', 'गाइड', 'कोहरा', 'बीस साल बाद', 'तीसरी कसम', 'नील कमल' और 'खामोशी' जैसी कई सुपरहिट फिल्में दीं.

वहीदा ने एक बार बताया था, "'फिल्म 'सीआईडी' मेरी पहली फिल्म थी और देव साहब तब बड़े स्टार हुआ करते थे. मैं जब फिल्म के सेट पर जाकर उन्हें गुड मॉर्निंग मिस्टर आनंद कहा तो वो इधर-उधर देखने लगे और फिर बोले कि 'तुम किसे गुड मॉर्निंग कह रही हो', मैंने कहा आपको. इस पर उन्होंने कहा कि मैं कोई मिस्टर आनंद नहीं हूं, मुझे तो सिर्फ देव कहो.'"

पढ़ें: ट्रैजडी किंग, ट्रैजडी क्वीन और एक ट्रैजिक कहानी

वहीदा ने फिर देव साहब से कहा, 'आप उम्र और एक्सपीरियंस दोनों में ही मुझसे बड़े हैं और मैं आपको नाम लेकर तो नहीं बुला सकती, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि मेरी फिल्म की लीडिंग लेडी मुझे साहब या मिस्टर आनंद कहेगी तो मुझे उसके साथ रोमांस करने में दिक्कत होगी. इस वाकये के बाद मैंने बहुत हिम्मत करके देव आनंद साहब को सिर्फ 'देव' बुलाने की हिम्मत जुटा पाईं."

गुरु दत्त ने साल 1957 में वहीदा रहमान को लेकर 'प्यासा' बनाई. इस फिल्म में दत्त ने वहीदा को प्रॉस्टिट्यूट 'गुलाबो' का रोल दिया. लेकिन वहीदा को यह रोल पसंद नहीं था. वहीदा बताती हैं, 'जब दत्त साहब ने मुझे गुलाबो का रोल ऑफर किया तो मैं एकदम से चौंक गई.

पढ़ें: 'मिस्टर मोदी...आपको या तो नेता बनना चाहिए या फिर अभिनेता'

खुद दत्त साहब जानते थे कि मुझे ऐसे रोल करने में परेशानी होगी. उन्होंने मुझे भरोसा दिलाया कि कहानी के नाम पर एक्सपोजर या गलत काम नहीं कराया जाएगा'.

वहीदा के जन्मदिन पर उनकी सफल फिल्मों में से एक ‘साहिब बीवी और गुलाम’ का जिक्र करना भी जरूरी है. इस फिल्म के बारे में बात करते हुए वहीदा ने बताया था, "जब मुझे बताया गया कि इस फिल्म में नायिका को गुरु दत्त से प्रेम करना है तो मैं बहुत मायूस हुई. क्योंकि इस फिल्म में मैं छोटी बहू(जिसे मीना कुमारी ने निभाया) का किरदार निभाना चाहती थी. जब ये बात फिल्म के निर्देशक अबरार अल्वी को पता चली तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि 'छोटी बहू का रोल एक ठहरी हुई औरत का रोल है. एक ऐसी शादीशुदा औरत जो हर वक्त अपने पति का इंतजार करती है और तुम हाव-भाव, शक्ल-सूरत से कहीं से भी औरत नहीं लगती हो. पैकअप के बाद तुम तो स्कूली बच्चे की तरह ऐसे भागती हो, जैसे फिल्म के सेट से नहीं बल्कि सचमुच तुम्हारी छुट्टी स्कूल से ही हुई हो."

पढ़ें: 'आजकल बाज़ार में दो ही चीज़ बिकाऊ हैं, चावल और औरत'

नवकेतन बैनर और विजय आनंद की फिल्म 'गाइड' के बारे में वहीदा रहमान का कहना है कि जब उन्होंने फिल्म 'गाइड' को साइन किया तो बहुत से लोगों ने उन्हें 'रोजी' का रोल करने से मना किया था.

उस जमाने के एक मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर ने तो वहिदा से यहां तक कह दिया था कि 'आप इस रोल को करके अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही हैं.' लेकिन वहीदा ने सारे विरोधों के बावजूद इस रोल को किया और यही वो फिल्म थी जिससे लोग ये जान सके कि वहीदा रहमान एक अभिनेत्री के साथ-साथ एक बेहतरीन डांसर भी हैं.

First published: 3 February 2016, 8:55 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी