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वीडियो: सुनिए वो 8 गाने जिनके लिए किशोर कुमार को मिला फिल्मफेयर

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 August 2016, 16:58 IST
(एजेंसी)

आभास कुमार गांगुली यानी किशोर कुमार का आज जन्मदिन है. 4 अगस्त, 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में जन्मे किशोर कुमार की आवाज ने कई फिल्मी सितारों को सुपर स्टार बनाया.

इनमें सदाबहार देवानंद, सुपरस्टार राजेश खन्ना और महानायक अमिताभ बच्चन शामिल हैं. किशोर कुमार ने हिंदी सिनेमा में बतौर एक्टर अपने करियर की शुरुआत की थी.

किशोर कुमार रुपहले पर्दे पर पहली बार साल 1946 में आई फिल्म ‘शिकारी’ में दिखाई दिये. उसके बाद बतौर गायक किशोर कुमार ने अपना फिल्मी सफर 1948 में फिल्म ‘जिद्दी’ से शुरू किया. इस फिल्म में पहली बार उन्होंने गीत गाया- ‘मरने की दुआएं क्यों मांगू...'.

उनके बड़े भाई अशोक कुमार उस जमाने में इंडस्ट्री के बड़े अभिनेताओं में गिने जाते थे. किशोर कुमार को सर्वश्रेष्ठ पार्श्वगायक के लिए सर्वाधिक 8 फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो आज तक सबसे ज्यादा फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार जीतने का रिकॉर्ड बना हुआ है.

आइये जानें कि वो कौन सी फिल्में और गाने थे, जिनके लिए किशोर को यह सम्मान 8 बार मिला.

फिल्म ‘अराधना’ (साल- 1969)

किशोर कुमार को पार्श्वगायन के लिए पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड साल 1969 में फिल्म ‘अराधना’ के लिए मिला था. इसमें किशोर कुमार ने गाया था ‘रूप तेरा मस्ताना... प्यार मेरा दीवाना’.

इस फिल्म के निर्माता-निर्देशक थे शक्ति सामंत और इस फिल्म में संगीत दिया था एसडी बर्मन ने और गीत लिखे थे आनंद बख्शी के. किशोर कुमार के अलावा इस फिल्म को  दो अन्य फिल्म फेयर पुरस्कार भी मिले.

फिल्म 'अमानुष' (साल-1975)

किशोर को दूसरा फिल्मफेयर अवॉर्ड भी साल 1975 में फिल्म 'अमानुष' के लिए मिला और इस फिल्म को भी निर्माता-निर्दशक शक्ति सामंत ने बनाया था.

इसमें किशोर कुमार ने गाया था ‘दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा’. इस फिल्म में संगीत श्यामल मित्रा ने दिया था और गीतकार थे इंदिवर. गीत ‘दिल ऐसा किसी ने मेरा तोड़ा’ के लिए इंदिवर को भी फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था.

फिल्म 'डॉन' (साल-1978)

किशोर को तीसरा फिल्मफेयर अवॉर्ड साल 1978 में बनी फिल्म 'डॉन' के गीत ‘खइके पान बनारस वाला’ के लिए मिला था.

इस फिल्म को निर्देशक चंद्र बोराट ने बनाया था. इस फिल्म को धुनों से संवारा था कल्याण जी-आनंद जी ने और गीत के बोल लिखे थे अंजान ने.

फिल्म ‘थोड़ी सी बेवफाई’ (साल-1980)

किशोर को चौथा फिल्मफेयर अवॉर्ड साल 1980 में फिल्म ‘थोड़ी सी बेवफाई’ के लिए मिला था. इसमें किशोर कुमार ने दर्द भरा गीत ‘हजार राहे मुड़के देखना’ गाया.

इस फिल्म का निर्देशन किया था इस्माईल श्रॉफ ने और इसमें संगीत खय्याम ने दिया था. गीत के बोल लिखे थे गुलजार ने.

फिल्म 'नमक हलाल' (साल-1982)

साल 1982 में आई फिल्म 'नमक हलाल' के गीत ‘पग घूुघरू बांध मीरा’ ने किशोर कुमार को पांचवां फिल्मफेयर अवॉर्ड दिलवाया.

इस फिल्म के निर्देशक थे प्रकाश मेहरा और फिल्म में संगीत दिया था बप्पी लाहिरी ने. गीत की रचना अंजान ने की थी. 

फिल्म ‘अगर तुम न होते’ (साल-1983)

किशोर कुमार को छठा फिल्मफेयर अवॉर्ड साल 1983 में आई निर्देशक लेख टंडन की फिल्म ‘अगर तुम न होते’ के लिए मिला था.

इस फिल्म के गीत ‘अगर तुम न होते’ के लिए किशोर को यह अवॉर्ड दिया गया. इस फिल्म में संगीत आर डी बर्मन का था और गीत गुलशन बावरा ने लिखा.

फिल्म 'शराबी' (साल-1984)

किशोर कुमार को सातवां फिल्मफेयर अवॉर्ड साल 1984 में फिल्म 'शराबी' के गीत ' मंजिलें अपनी जगह हैं... रास्ते अपनी जगह...' के लिए मिला था.

इस फिल्म के भी निर्दशन प्रकाश मेहरा थे. इस फिल्म में धुनें बप्पी लाहिरी की थीं और बोल अंजान ने लिखे थे.  

फिल्म 'सागर' (साल-1985)

किशोर कुमार के जीवन का आखिरी फिल्मफेयर अवॉर्ड साल 1985 में फिल्म 'सागर' के गीत ‘सागर किनारे, दिल ये पुकारे' के लिए मिला.

इस फिल्म का निर्देशन रमेश सिप्पी ने किया था. फिल्म में संगीत दिया आरडी बर्मन ने और गीत लिखा था जावेद अख्तर ने.

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में किशोर कुमार के योगदान के लिए मध्य प्रदेश सरकार हर साल ‘किशोर कुमार अवॉर्ड’ देती है.

किशोर कुमार का निधन 18 अक्टूबर, 1987 को दिल का दौरा पड़ने से हुआ. उनका अंतिम संस्कार उनकी मातृभूमि यानी मध्य प्रदेश के खंडवा में किया गया.

First published: 4 August 2016, 16:58 IST
 
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