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एक दशक बाद सूरज में फिर दिखी बड़ी हलचल, नजर आया बड़ा सौर धब्बा, पृथ्वी को पहुंचा सकता है नुकसान

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 August 2020, 15:20 IST

After one decade sunspot spitting: लगातार बढ़ रहे धरती (Earth) के तापमान (Temperature) के बीच सूरज (Sun) में बड़ी हलचली का पता चला है. बताया जा रहा है कि पिछले 11 सालों से सुस्त पड़ा सूरज एक बार फिर से हरकत में आ गया है और अब सूरज में एक बड़ा सनस्पॉट (Sunspot) देखा गया है. यानी सूरज में एक बड़ा धब्बा नजर आया है. बताया जा रहा है कि यह धब्बा इतना बड़ा है कि इससे निकलने वाली सौर ज्वालाएं यानी सोलर फ्लेयर्स धरती को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इन सोलर फ्लेयर्स की वजह से धरती की संचार व्यवस्था बाधित होने की बात कही जा रही है.

इसके साथ ही इसकी वजह से सैटेलाइट कम्युनिकेशन पर भी असर पड़ सकता है और नेविगेशन जैसी आधुनिक टेक्नोलॉजी में भी परेशानी पैदा हो सकती है. जिससे हवाई और समुद्री यातायात में बाधाएं आ सकती हैं. वैज्ञानिकों ने इस बात को माना है कि हर 11 साल में सूरज की सतह पर काफी बदलाव होते हैं. यह पिछले 11 सालों से शांत थी. लेकिन अब इसमें हलचल हो रही है. हाल ही में सूरज में एक बड़ा धब्बा देखा गया है. इन विशाल धब्बों को सनस्पॉट कहते हैं. इससे सबसे बड़ी परेशानी ये हैं कि ये सनस्पॉट (Sunspot) हमारी धरती की ओर घूमता दिखाई दे रहा है.


इस सनस्पॉट से निकलने वाली सोलर फ्लेयर्स से धरती के लिए परेशानिया पैदा हो सकती हैं. इस सनस्पॉट को AR2770 का नाम दिया गया है. आने वाले दिनों में इसका आकार और बड़ा होने की आशंका है. स्पेसवेदर डॉटकॉम की रिपोर्ट के अनुसार इस सनस्पॉट में से बहुत सारी छोटी ज्वालाएं पहले ही निकल चुकी हैं. बताया जा रहा है कि धरती की तरफ घूमते ही इस सनस्पॉट ने पृथ्वी के वायुमंडल में आयनीकरण की लहर तो पैदा की है. लेकिन अभी तक कोई बड़ी घटना नहीं घटी है. बता दें कि सूरज पर बनने वाले सनस्पॉट वे काले धब्बे होते हैं जो अंतरिक्ष में बनने वाले तारों की तुलना में काफी ठंडे होते हैं.

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लेकिन इनकी मैग्नेटिक फील्ड इतनी ज्यादा होती है कि ये विशाल मात्रा में ऊर्जा निकालते हैं. ये ऊर्जा सौर ज्वाला या सोलर फ्लेयर की तरह दिखाई देती है. सोलर फ्लेयर्स को सौर तूफान (Solar Storm) या कोरोना मास इजेक्शन (Coronal Mass Ejection) भी कहा जाता है. कई बार सनस्पॉट का आकार 50 हजार किलोमीटर व्यास का भी होता है. इसके अंदर से सूर्य के गर्म प्लाज्मा का बुलबुला तक निकलता है. जिसके विस्फोट से सोलर फ्लेयर्स निकलते हैं.

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बता दें सूरज में मिले इस धब्बे AR2770 की पहली तस्वीर अमेरिका के फ्लोरिडा में रहने वाले शौकिया एस्ट्रोनॉमर मार्टिन वाइज ने अपने कैमरे में उतारी है. सूरज में दिखाई दे रहा ये धब्बा मंगल ग्रह के बराबर है. इसके अंदर भी कई धब्बे हैं. जो चांद की सतह पर मौजूद गड्ढों की तरह दिखता है. वहीं नेशनल ओसिएनिक एंड एटमॉस्फियरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) का कहना है कि यह सौरतूफान अंतरिक्ष में बहने वाली इलेक्ट्रोमैग्नेटिक धारा में बदलाव पैदा कर सकते हैं.

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First published: 11 August 2020, 15:20 IST
 
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