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बिहार: केड़िया गांव के किसानों की मदद के लिए आगे आईं बॉलीवुड हस्तियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 August 2016, 8:06 IST

केड़िया गांव की सुनिता देवी और उनका परिवार दशकों से खेती कर रहे हैं. सुनिता उन लाखों किसानों में से एक हैं जो देश के लोगों की थाली में भोजन पहुंचाने का काम कर रही हैं. पिछले दो सालों से उनके गांव के किसानों ने रासायनिक खेती से अलग कुदरती तौर-तरीके से खेती करना शुरू कर दिया है. इस पूरी प्रक्रिया में गांव के किसानों ने कई तरह के अभिनव प्रयोग किये हैं, मसलन वर्मीकंपोस्ट, बायोगैस, इकोसैन शौचालय जैसी प्रगतिशील चीजों को अपनाया.

केड़िया के किसानों द्वारा पिछले दो सालों की मेहनत का नतीजा है कि गांव में 282 वर्मी-कंपोस्ट बेड लगाये जा चुके हैं. रासायनिक खाद के इस्तेमाल में 42.6 प्रतिशत कमी हुई है. 90 प्रतिशत से भी ज्यादा किसानों ने खेती लागत में कमी दर्ज की है और सबसे खास बात यह है कि अभी तक कुदरती खेती में किसी भी तरह का नुकसान दर्ज नहीं किया गया है.

इस पूरे मॉडल की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से गांव वालों की मदद से विकसित हो पाया है. गांव के किसानों का संगठन जीवित माटी किसान समिति सरकार की उन प्रगतिशील योजनाओं का लाभ लेने में सफल रही है जो जैविक खेती और इकॉलोजिकल कृषि को प्रोत्साहित करने के लिये बनाये गए हैं. साथ ही, गांव के लोगों ने सामूहिक श्रमदान करके नहरों की खुदाई की और अपने खेतों तक पानी पहुंचाने में सफल रहे.

लेकिन केड़िया की मुश्किलें भी देश के दूसरे किसानों से बहुत अलग नहीं है. भारत में लगभग 40 प्रतिशत कृषि उत्पादन भंडार की उचित व्यवस्था नहीं होने की वजह से खराब हो जाती है. ज्यादातर किसान छोटे और गरीब पृष्ठभूमि से आते हैं और वे सब्सिडी के बावजूद भंडार की लागत को नहीं वहन कर पाते. इस समस्या से केड़िया के किसानों को निजात दिलाने के लिये एनजीओ ग्रीनपीस क्राउडफंडिंग की मदद से गांव में सोलर से चलने वाला कोल्ड स्टोर लगाने जा रहा है. 

ग्रीनपीस ने क्राउफंडिग का ऑनलाइन अभियान शुरू किया है. इस मुहिम में वहीदा रहमान, पूजा बेदी, पंकज त्रिपाठी जैसे बॉलीवुड के प्रसिद्ध शख्सियत भी शामिल हो गये हैं. पिछले दिनों एक वीडियो अपील जारी कर इन हस्तियों ने केड़िया के किसानों के लिये लोगों से चंदा जमा करने की अपील की है.

इस कोल्ड स्टोर के लगने के बाद केड़िया के किसान अपनी पैदावार का भंडारण कर सकते हैं और उनके पास इन उत्पादों को बाजार में अपनी शर्तों पर बेचने का मौका मिलेगा. किसानों को ऑर्गेनिक उत्पादों के एवज में उचित कीमत मिल सकेगा जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी. साथ ही, किसान अपने पारंपरिक बीजों को संरक्षित करेंगे. सोलर से संचालित यह कोल्ड स्टोरेज केड़िया के किसानों द्वारा पर्यावरणीय, इकॉलोजिकल कृषि और जीवन पद्धति को अपनाने की कोशिश को मजबूत बनायेगा.

First published: 11 August 2016, 8:06 IST
 
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