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दुनिया के खूबसूरत शहर केपटाउन में 40 लाख लोगों को नहीं मिल रहा है पानी

विकाश गौड़ | Updated on: 24 February 2018, 13:16 IST

दुनिया के सबसे आधुनिक और खूबसूरत शहरों में शुमार साउथ अफ्रीका का केपटाउन आज अपनी ही आधुनिकता की मार झेल रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स पर गौर करें तो यहां सिर्फ 21 अप्रैल तक के लिए पानी बचा है. अगर 21 अप्रैल तक केपटाउन में बारिश नहीं होती है तो फिर शहर को पानी के बड़े संकट से जूझना पड़ सकता है.

बूंद बूंद पानी को मोहताज हो रहे साउथ अफ्रीका के मुख्य द्वार कहे जाने शहर केपटाउन में पानी का यह संकट लंबे समय से है. 40 लाख के करीब की आबादी वाले इस शहर में लोग पानी को लेकर बहुत परेशान हैं. इसके लिए जल बोर्ड ने भी तमाम चेतावनी जारी करते हुए लोगों को संकेत दिए हैं कि पानी को ज्यादा खर्च न करें.

बता दें कि केपटाउन में इस समय एक व्यक्ति को सिर्फ 25 लीटर पानी मिल रहा है. यहां तक कि हफ्ते में एक दिन जीरो डे होता है लिहाजा इस दिन 25 लीटर पानी मिलने की संभावना कम रहती है. लोग परेशान हैं कि पानी के लिए क्या किया जाए, उधर इस शहर में पर्यटकों की संख्या भी अधिक होती है इस कारण से पानी का ये संकट और बड़ जाता है.

गौरतलब है कि पिछले साल जनवरी में केपटाउन में खेले गए एक टेस्ट के दौरान सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को नहाने की इजाजत तो थी लेकिन कंडीशन ये थी कि आप दो मिनट से ज्यादा शावर नहीं ले सकते. पानी और सूखे की वजह से केपटाउन के मैदान की हरी घास भी पीली पड़ गई थी.

 

इस साल भले ही हालत पहले से अच्छे हो लेकिन उतने अच्छे नजर नहीं आ रहे. बता दें कि 24 फरवरी को यहां भारत और मेजबान साउथ अफ्रीका के बीच T20 सिरीज का आखिरी मुकाबला खेला जाना है. इस मैच के लिए केपटाउन में साउथ अफ्रीका क्रिकेट बोर्ड ने किस तरह की तैयारियां की हैं फिलहाल इस बात का खुलासा नहीं किया गया है.

वहीं, अगर मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो साउथ अफ्रीका का केपटाउन पानी की बड़ी समस्या से जूझ सकता है. ये बात 100 या 50 साल बाद नहीं बल्कि इसी साल 21 अप्रैल तक घट सकती है. अभी भी केपटाउन के वासिंदे को सिर्फ दो मिनट तक नहाने की आजादी है. साथ ही टॉलेट का फ्लश भी लिमिटेशन के साथ यूज किया जा रहा है.

पानी की इस समस्या के कारण नालियों का पानी रीसायकल किया जा रहा है क्योंकि नदियों का पानी सूख चुका है. जमीन के अदर पानी की मात्रा बहुत कम है. समुंदर के पानी को फिल्टर करने की कोशिश की जा रही है. ग्लेशियर सूख चुके हैं. पिछले सालों में बारिश का स्तर भी रिकॉर्ड तौर गिरा है. फूल, पत्ती, पेड़ पौधे सब सूख रहे हैं.

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पानी भी केपटाउन में सुरक्षाकर्मियों के देखरेख में वितरित किया जा रहा है. लोग आपस में पानी के लिए लड़ भिड़ भी जाते हैं. कम पानी में लोगों को काम चलाना पड़ रहा है. अमेरिका में जहां औसत लोग 80-100 गैलन पानी का प्रयोग करते हैं वहीं केपटाउन में 23 गैलन प्रति दिन के हिसाब से लोग पानी का प्रयोग कर रहे हैं.

देखें ये रिपोर्ट

First published: 24 February 2018, 12:48 IST
 
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