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दिल्ली की 'जहरीली आबोहवा' पर एनजीटी सख्त, मुख्य सचिव को फौरन बैठक के निर्देश

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:45 IST
(फाइल फोटो)

दिल्ली में वायु प्रदूषण के बाद छाई धुंध (स्मॉग) पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है. एनजीटी ने इस मामले में दिल्ली के मुख्य सचिव को कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.

दीपावली में पटाखों के इस्तेमाल के बाद वातावरण में फैले प्रदूषण को लेकर एनजीटी ने संज्ञान लेते हुए दिल्ली के मुख्य सचिव को सभी संबंधित विभागों के साथ आज ही तुरंत बैठक करने के निर्देश दिए हैं.

राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इसके साथ ही प्रदूषण की समस्या पर गंभीर चिंता जताते हुए दिल्ली के मुख्य सचिव से शुक्रवार तक स्टेटस रिपोर्ट सौंपने को कहा है. 30 अक्टूबर को दिवाली के बाद दिल्ली धुंध की चादर में लिपटी नजर आई.

इस दौरान वातावरण में घुले हानिकारक तत्व पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर खतरनाक स्तर के पार पहुंच गया . पिछले तीन दिन से स्मॉग का बुरा असर दिल्ली में देखा जा रहा है. इससे बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है.

दिवाली पर 42 गुना बढ़ा प्रदूषण

केंद्र सरकार की प्रदूषण पर नज़र रखने वाली संस्था सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च के मुताबिक दीवाली पर आतिशबाजी के बाद खतरनाक पर्टिकुलेट मैटर यानी पीएम 2.5 का स्तर 507 तक पहुंच गया.

वहीं पीएम 10 का स्तर 511 तक था. पीएम 2.5 और पीएम 10 का लेवल 400 से ऊपर चला जाता है तो ये इंसानी फेफड़ों के लिए बेहद नुकसानदायक होता है. पीएम के जरिए हवा में मौजूद धूल और धुएं का स्तर मापा जाता है. दिल्ली के पॉश लोधी रोड इलाके में भी सोमवार सुबह इसका खतरनाक स्तर रिकॉर्ड किया गया. 

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 42 गुना तक बढ़ गया है. फिलहाल शहर में इतना धुंआ है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर इंसानों के रहने के लिए सबसे खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है. देश के दस बड़े प्रदूषित इलाकों में से आठ दिल्ली और एनसीआर के हैं.

First published: 3 November 2016, 1:04 IST
 
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