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बर्बादी की बाढ़: यूपी से बिहार तक हाहाकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 August 2017, 17:25 IST
एएनआई

उत्तर भारत में भारी बारिश के बाद बाढ़ से उत्तर प्रदेश और बिहार में भयंकर तबाही मची हुई है. बिहार की नदियों में उफान से एक करोड़ की आबादी बाढ़ की चपेट में है. बिहार के नेपाल से लगे सीमांचल के इलाके बाढ़ के पानी में घिरे हुए हैं.

नेपाल के जलभराव क्षेत्रों में सप्ताहभर से हो रही बारिश की वजह से बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. राज्य की प्रमुख नदियां विभिन्न जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. राज्य के विभिन्न जिलों के 40 प्रखंडों की आबादी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित है.

पटना स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, बिहार की प्रमुख नदियों के जलस्तर में वृद्घि दर्ज की जा रही है. वीरपुर बैराज में कोसी नदी के जलस्तर में वृद्घि देखी जा रही है.

नियंत्रण कक्ष में प्रतिनियुक्त सहायक अभियंता शेषनाथ सिंह ने सोमवार को आईएएनएस को बताया कि सुबह 10 बजे वीरपुर बैराज में कोसी नदी का जलस्तर 2.66 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया, जबकि वाल्मीकिनगर बैराज में गंडक का जलस्तर 3.92 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया.

उन्होंने बताया कि कोसी में जलस्तर बढ़ने की आशंका है, क्योंकि नेपाल के बराह क्षेत्र में कोसी के जलस्तर में लगातार वृद्घि दर्ज की जा रही है. सिंह ने बताया कि बागमती नदी डूबाधार, सोनाखान और बेनीबाद में जबकि कमला बलान नदी झंझारपुर और जानकीबियर क्षेत्र में खतरे के निशान को पार कर गई है. अधवारा समूह की नदियां भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

राज्य के अररिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी में स्थिति गंभीर है. किशनगंज और अररिया जिले की स्थिति सबसे बदतर बताई जा रही है.

बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे करते बिहार के सीएम नीतीश कुमार.

नीतीश ने किया हवाई सर्वेक्षण

राज्य सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सेना की मदद मांगी है. दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को बाढ़ प्रभावित जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया. बाढ़ के कारण कई प्रखंड़ों को सड़क सपंर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है. सड़कों पर बाढ़ का पानी बह रहा है.

आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि क्षेत्रों में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में लग गई हैं, जबकि एनडीआरएफ की टीम भी सोमवार को किसी भी समय बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंच जाएगी. सेना के 80 जवान और अधिकारी भी रात को पटना के दानापुर से किशनगंज के लिए रवाना हो गए. 

पूर्वोत्तर का संपर्क कटा

बिहार के साथ असम में बाढ़ से रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है. पूर्वोत्तर का संपर्क देश के बाकी इलाकों से कट गया है. रेलवेे ट्रैक पर पानी आने की वजह से दर्जनों ट्रेनों को रद्द किया गया है. वहीं कुछ ट्रेनों के रूट बदले गए हैं. 

नेपाल में भारी बारिश के बाद बाढ़ और भूस्खलन से बिराटनगर, सिराहा और सप्तारी में 49 लोगों को जान गंवानी पड़ी है. इलाके के 34 हजार घर पानी में डूब गए हैं, जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.

यूपी के 18 जिलों में बाढ़

पूर्वी उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में भी बाढ़ से बर्बादी का मंजर है. गोंडा, बाराबंकी, बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोरखपुर, कुशीनगर और देवरिया में बाढ़ से बुरा हाल है. इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को गोंडा में बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने पहुंचे. उन्होंने कहा कि बाढ़ में लापरवाही मामले में शाम तक सरकार बड़ी कार्रवाई करेगी.

बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात के बाद योगी ने कहा कि राहत एवं बचाव में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की संवेदनशीलता पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि यह सरकार सबसे ज्यादा संवेदनशील है.

बाढ़ राहत केन्द्र पाल्हापुर में पूर्वाह्न करीब 11 बजे मुख्यमंत्री हेलीपैड से कार्यक्रम स्थल पहुंचे. पीड़ितों से मुख्यमंत्री की मुलाकात के बाद राहत सामग्री का वितरण किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि दो-तीन अधिकारियों के नाम सामने आए हैं, उन पर कार्रवाई होगी. उन्होंने नामों का खुलासा नहीं किया.

उन्होंने कहा कि जिन बाढ़ पीड़ितों के कच्चे मकान हैं, सरकार उन्हें पक्के मकान देगी. जानवरों के लिए चारे की समस्या नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि राहत वितरण में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाए. उनके साथ प्रभारी मंत्री उपेन्द्र तिवारी, समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह और विधायक बावन सिंह थे.

साभार: आईएएनएस

First published: 14 August 2017, 17:25 IST
 
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