Home » एन्वायरमेंट » For the first time in 100 years, tiger numbers are growing
 

100 सालों में पहली बार बढ़ी बाघों की संख्या, सबसे ज्यादा भारत में

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 April 2016, 13:58 IST

पिछले 100 सालों में पहली बार दुनिया भर में बाघों की संख्या बढ़ी है. अंतरराष्ट्रीय संस्था वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड के नए आंकड़े के अनुसार दुनिया भर में अब बाघों की संख्या बढ़कर 3890 हो गई है.

इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (आईसीयूएन) के ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत में सबसे ज्यादा 2226 बाघ हैं. एक अनुमान के मुताबिक आजादी के समय भारत में बाघों की संख्या करीब 40,000 थी.

भारत में कर्नाटक, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और केरल में बाघों की संख्या बढ़ी है. इसके बावजूद भारत अभी भी 2002 के 3,700 के आंकड़े को छू नहीं पाया है.

tiger1.jpg

नए आकंड़ों के अनुसार दूसरे स्थान पर रूस में 433 बाघ हैं. इंडोनेशिया में 371 तो मलेशिया में 250 बाघ हैं. वन्यजीव समूहों द्वारा एकत्रित आंकड़ों के अनुसार नेपाल, थाइलैंड, बांग्लादेश और भूटान में बाघों की संख्या क्रमश: 198, 189, 106 और 103 है. इनके अलावा अन्य देश जिनमें बाघ पाए जाते हैं उनमें म्यामांर, चीन और लाओस हैं.

पिछली बार यानि 2010 में जब बाघों की गिनती की गई थी तब दुनिया में केवल 3,200 बाघ रह गए थे जबकि सौ साल पहले दुनिया में 1,00,000 से ज्यादा बाघ थे.

वर्ल्ड लाइफवाइल्ड के अनुसार बाघों की संख्या में वृद्धि भारत, रूस, नेपाल और भूटान में किए गए बड़े बदलाव का नतीजा है. इसके साथ ही संस्था ने उम्मीद जताई है कि साल 2022 तक बाघों की कुल संख्या 6,400 तक हो जाएगी.

tiger2.jpg

ऑस्ट्रेलिया के वन्य जीवों की प्रबंधन संस्था द वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) के डेरेन ग्रोवर ने इस खबर का स्वागत करते हुए कहा है कि 20वीं शताब्दी में पहली बार ऐसा हुआ है.

उन्होंने कहा कि पिछले 100 से ज्यादा सालों में पहली बार जंगली बाघों की आबादी के बारे में सकारात्मक बात देखने को मिली है. ग्रोवर के अनुसार पिछले सौ सालों में हमने लगभग 97 फीसदी जंगली बाघों को खो दिया है.

First published: 12 April 2016, 13:58 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी