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तस्वीरें: बाढ़ से बेहाल मध्य प्रदेश में 8 की मौत, भोपाल में सैकड़ों फंसे

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 July 2016, 15:59 IST
(पत्रिका)

भारी बारिश के बाद बाढ़ से बेहाल मध्य प्रदेश में आठ लोगों की मौत हो गई है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों के साथ हालात पर आपातकालीन बैठक की. मानसून ने पूरे राज्य में अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है.

राजधानी भोपाल के पास समरधा इलाके में एक गांव के 500 से ज्यादा लोगों के फंसने की खबर है. बाढ़ के हालात की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान चर्चा की.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि भारी बारिश की वजह से भोपाल, रीवा और सागर समेत प्रदेश के कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात हैं. वहीं भोपाल इंदौर मार्ग का एक हिस्सा पानी में डूब जाने से यातायात प्रभावित हुआ है. भोपाल-जबलपुर रोड पर बारना नदी ने यातायात को बाधित किया है.

विदिशा में बेतवा नदी में बाढ़ की वजह से फंसे कई लोगों को रेस्क्यू टीम ने बचाया (पत्रिका)

सतना में 4 हजार लोगों को बचाया

राजधानी भोपाल के पास कलियासोत नदी का पानी भर जाने की वजह से समरधा टोला गांव के 500 लोग फंस गए हैं. बिजली चमकने और बादलों की तेज गड़गड़ाहट की वजह से यहां कई घरों के शीशे चटक गए.

राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि सतना में एनडीआरएफ की टीम ने चार हजार लोगों को सुरक्षित बचाया है. सीएम ने कहा कि तवा और सतपुड़ा डैम का पानी छोड़े जाने से नर्मदा का जलस्तर और तेजी से बढ़ेगा.

बाढ़ से विदिशा का बुरा हाल है, कई इलाकों में सड़क पर पानी की तेज धारा बह रही है (पत्रिका)

इमरजेंसी नंबर 1079 जारी

इसके अलावा रायसेन से खबर है कि रातभर हुआ बारिश के बाद रायसेन टापू में तब्दील हो गया है. कई गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं. सांची रोड पर बेतवा पुल पर 15 फीट पानी बहने की खबर है. इसके अलावा छिंदवाड़ा में भी भारी बारिश हो रही है.

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आपदा प्रभावित इलाकों में बचाव के लिए एक इमरजेंसी कंट्रोल रूम नंबर 1079 जारी किया गया है, जो 24 घंटे काम करेगा. 

सतपुड़ा बांध के गेट खोले जाने के बाद तवा में पानी भर गया, जिससे तवा बांध के 13 गेट खोले गए (पत्रिका)

इंदौर भोपाल एक्सप्रेस हाईवे बंद

इंदौर-भोपाल एक्सप्रेस हाईवे बंद होने की खबर है. हाईवे का एक हिस्सा पानी में डूब गया है, जिसके बाद एक ही तरफ से यातायात चलाया जा रहा है. विदिशा में बेतवा पुल पर आठ फीट पानी है. यहां रेस्क्यू टीम ने सैकड़ों लोगों को बचाया. विदिशा से अशोकनगर जाने वाला रास्ता भी बंद है.

राजगढ़-ब्यावरा और नरसिंहपुर इलाके में रात भर हुई भारी बारिश के बाद हालात बेकाबू हैं. भोपाल से जबलपुर के बीच एनएच-12 पर बारना नदी के उफान पर होने की वजह से ट्रकों की लंबी कतार लग गई है.भोपाल से सारणी, बैतूल और नागपुर कट चुके हैं. भोपाल से सागर का भी सड़क संपर्क कट गया है. इसके अलावा भोपाल और नसरुल्लागंज मार्ग भी बंद है.

जबलपुर में नर्मदा के उफान पर होने से घाट पर कई मंदिर जलमग्न हैं (पत्रिका)

25 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

इस बीच मध्यप्रदेश में एक जून से 8 जुलाई तक हुई वर्षा के आधार पर 25 जिलों में सामान्य से ज्यादा, जबकि 16 जिलों में सामान्य और 9 जिलों में कम वर्षा जबकि एक जिले में अल्प वर्षा हुई है.

प्रदेश सरकार की जारी आधिकारिक जानकारी के मुताबिक सामान्य से ज्यादा बारिश वाले 25 जिलों में जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, मण्डला, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, सीधी, सतना, उमरिया, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़ और होशंगाबाद जिले शामिल हैं. 

16 जिलों में सामान्य बारिश रिकॉर्ड

जबकि राज्य के 16 जिलों डिण्डोरी, टीकमगढ़, रीवा, शहडोल, धार, अलीराजपुर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, रतलाम, देवास, शाजापुर, श्योपुरकला, भिण्ड, हरदा और बैतूल में सामान्य वर्षा रिकॉर्ड की गई है.

प्रदेश के बालाघाट, सिंगरौली, अनूपपुर, इंदौर, झाबुआ, खरगोन, बड़वानी, खण्डवा और आगर जिले कम वर्षा वाले जिलों की श्रेणी में हैं. इसके अलावा बुरहानपुर जिले में अल्प बारिश दर्ज की गई है.

First published: 9 July 2016, 15:59 IST
 
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