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वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी, सबकुछ तहस-नहस कर सकती है हिमालय पर आने वाली ये तबाही!

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 November 2018, 21:43 IST
(प्रतीकात्मक फोटो)

धरती पर लगातार बढ़ रहे बोझ और ग्लोबल वॉर्मिंग के चलते तमाम प्राकृतिक आपदाओं का अंदेशा बढ़ता जा रहा है. अब वैज्ञानिकों ने हिमालय पर प्रलय आने की संभावना जताई है. वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन के मुताबिक ये संभावना जताई है कि निकट भविष्य में हिमालय क्षेत्र में उच्च तीव्रता वाला भूकंप आ सकता है.

बेंगलुरू स्थित उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए किए गए एक नए अध्‍ययन के बारे में जवाहरलाल नेहरू सेंटर के भूकंप विशेषज्ञ सीपी राजेंद्रन का कहना है कि इस क्षेत्र में भारी मात्रा में तनाव भविष्य में केंद्रीय हिमालय के अतिव्‍यापी खंड में 8.5 या उससे अधिक की तीव्रता का एक भूकंप दर्शाता है.

वहीं 'जियोलॉजिकल जर्नल' में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने दो नई खोजी गई जगहों के आंकड़ों के साथ-साथ पश्चिमी नेपाल और चोरगेलिया में मोहन खोला के आंकड़ों के साथ मौजूदा डेटाबेस का मूल्यांकन किया है, जोकि भारतीय सीमा के भीतर आता है. शोधकर्ताओं ने भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के कार्टोसैट-1 उपग्रह से गूगल अर्थ और इमेजरी का उपयोग करने के अलावा भूगर्भीय सर्वेक्षण के भारत द्वारा प्रकाशित स्थानीय भूविज्ञान और संरचनात्मक मानचित्र का उपयोग किया है.

शोधकर्ताओं के इस विश्लेषण में बताया गया है कि "अध्‍ययन हमें यह निष्कर्ष निकालने के लिए मजबूर करता है कि केंद्रीय हिमालय में 15 मीटर की औसत सरकने के कारण 1315 और 1440 के बीच खिंचाव 8.5 या उससे अधिक तीव्रता का एक बड़ा भूकंप क्षेत्र लगभग 600 किमी जो कि भटपुर से मोहन खोला से परे केंद्रीय भूकंपीय अंतर के बीच की लंबाई तक फैला है.

वैज्ञानिकों के मुताबिक वर्तमान अध्ययन इस बड़े पैमाने पर भूकंप के साथ इस तथ्य को भी रेखांकित करता है कि, केंद्रीय हिमालय जो कि भारत और पूर्वी नेपाल के हिस्सों को कवर करता है, के अग्रभाग में धमाके के साथ ध्‍वंस वाला भूकंप वाला जोन 600 से 700 वर्षों तक के लिए रहा है, जो इस क्षेत्र में तनाव का भारी निर्माण करता है.

राजेंद्रन के मुताबिक, हिमालय के इस हिस्से में 8.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आए काफी समय बीत चुका है. इस संभावित उच्च भूकंपीय जोखिम क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए बढ़ती हुई आबादी और अनियंत्रित विस्तार के लिए चिह्नित किए गए क्षेत्र विशेष रूप से विनाशकारी होंगे.

कोलोराडो यूनिवर्सिटी में अमेरिकी भूगर्भ विज्ञानी रोजर बिल्हाम ने भी इस बात का समर्थन किया है. उन्होंने इमेल के जरिए बताया कि भारतीय शोधकर्ता यह निष्कर्ष निकालने में निर्विवाद रूप से सही हो सकते हैं कि, भूकंप अब कभी भी आ सकता है. साथ ही इसकी तीव्रता 8.5 के बराबर हो सकती है. वहीं वैज्ञानिकों ने अगले बड़े भूकंप उत्तर-पश्चिम हिमालय के गढ़वाल-कुमाऊं खंड में आने की भी संभावना जताई है.

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First published: 30 November 2018, 21:10 IST
 
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