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मानसून की गति: कहीं जरूरत से ज्यादा, कहीं बहुत कम

निहार गोखले | Updated on: 20 July 2016, 7:31 IST

अब पूरे देश में मानसून आ चुका है. लेकिन अभी तक यह हर जगह एक समान नहीं पहुंचा है. हमने मध्य प्रदेश, असम और उत्तराखंड में आई बाढ़ की भयावहता देखी है. लेकिन अभी भी गुजरात, बिहार और पश्चिमोत्तर के तमाम स्थानों पर मानसून तय सीमा से काफी पीछे दिखाई दे रहा है.

भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अब तक आठ राज्यों में सामान्य से कम बारिश (20-59 फीसदी के बीच) हुई है. मणिपुर देश का ऐसा राज्य है जहां सामान्य से 72 फीसदी कम बारिश हुई. इसे सूखे वाली स्थिति कह सकते हैं. इसके अलावा 22 राज्यों में सामान्य वर्षा और पांच में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है.

मध्य भारत

जहां सामान्य से ज्यादा वर्षा होने के चलते मध्यप्रदेश में बाढ़ आ गई, पड़ोसी राज्य गुजरात के अधिकांश जिलों में मानसून रूठा ही रहा है. मानसून की शुरुआत से अब तक राज्य में कुल 47 फीसदी तक कमी रही है. कच्छ, अहमदाबाद, वड़ोदरा, भरुच और नर्मदा जिलों में सामान्य से 60 फीसदी से भी कम बारिश हुई. सामान्य से 60 फीसदी कम बारिश को 'अल्प' कहा जाता है.

मध्य प्रदेश में भी जहां सामान्य से 66 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है और इसे पर्याप्त मानसून कहा जा रहा है वहीं एक सच यह भी है कि यहां के 18 जिले अभी भी सामान्य से कम बारिश की चपेट में हैं.

पूर्वी भारत

बिहार में कुल बारिश सामान्य से 7 फीसदी कम रही. मुंगेर जिले में सामान्य से 96 फीसदी कम बारिश हुई और इस पूरे मानसून में जहां सामान्य बारिश 359 सेंटीमीटर होती थी, यहां केवल 15 सेंटीमीटर ही रिकॉर्ड की गई. इसी तरह झारखंड में 11 फीसदी कम बारिश हुई. चतरा, पाकुर, बोकारो और सरायकेला के प्रत्येक जिले में 30 फीसदी से ज्यादा की कमी दर्ज की गई है.

पूर्वोत्तर भारत

इस मानसून में पूर्वोत्तर के राज्यों को बारिश ने सबसे कम भिगोया. देश भर में मणिपुर 72 फीसदी कमी के साथ सबसे पिछड़े राज्य की कतार में शामिल है. यहां सामान्यत: 647 सेंटीमीटर तक बारिश मानसून के मौसम में होती है लेकिन इस साल अब तक सिर्फ 181 सेंटीमीटर बारिश ही दर्ज की गई. 

मेघालय में 52 फीसदी की कमी रही, जबकि नागालैंड और त्रिपुरा में करीब 30 फीसदी की कमी रही. असम में 23 फीसदी की कमी रही. अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और सिक्किम में सामान्य से 3 से 11 फीसदी की कमी चल रही है, लेकिन इसे सामान्य ही माना जाएगा.

First published: 20 July 2016, 7:31 IST
 
निहार गोखले @nihargokhale

Nihar is a reporter with Catch, writing about the environment, water, and other public policy matters. He wrote about stock markets for a business daily before pursuing an interdisciplinary Master's degree in environmental and ecological economics. He likes listening to classical, folk and jazz music and dreams of learning to play the saxophone.

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