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सफाई के दौरान एवरेस्ट से मिली 11000 किलो कचरे में हैरान कर देने वाली चीजें

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 June 2019, 14:05 IST

माउंट एवरेस्ट की सफाई के लिए नेपाल सरकार के एक अभियान में 11, 000 किलोग्राम कचरा और चार शव मिले हैं. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पर दो महीने तक चलने वाले सफाई अभियान में खाली ऑक्सीजन सिलेंडर, टेंट, प्लास्टिक की बोतलें, बैटरी, खाद्य अपशिष्ट और मानव मल मिला. नेपाल सरकार ने कहा कि कुछ कचरे को एनजीओ ब्लू वेस्ट को सौंप दिया गया, जो बुधवार को नेपाल की सेना प्रमुख जनरल पूर्णचंद्र थापा की मौजूदगी में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर काठमांडू में एक समारोह के दौरान अपशिष्ट उत्पादों को रिसाइकिल करेगा." उन्होंने कहा "हम अपने सफाई अभियान के तहत अगले साल भी सफाई जारी रखेंगे."

पर्यटन विभाग के महानिदेशक दांडू राज घिमिरे ने रायटर को बताया ''अप्रैल और मई में लगभग 20 शेरपा पर्वतारोही सफाई में शामिल थे. उन्होंने बेस कैंप के ऊपर कई साइटों से 5,000 किलो कचरा इकट्ठा किया और नीचे के क्षेत्रों से 6,000 किलोग्राम कचरा इकठ्ठा किया''. घिमिरे ने कहा, "दुर्भाग्य से दक्षिण क्षेत्र में बैगों में एकत्र किए गए कुछ कचरे को खराब मौसम के कारण नीचे नहीं लाया जा सका."

 

बर्फ से पिघले हुए चार शवों को काठमांडू के एक अस्पताल में भेज दिया गया. दो शवों की पहचान एक रूसी पर्वतारोही और एक नेपाली पर्वतारोही के रूप में की गई थी, लेकिन अन्य दो की पहचान नहीं की जा सकी है. 1953 में पहली बार विजय प्राप्त करने के बाद से एवरेस्ट पर 300 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

मार्च और मई के बीच यह चढ़ाई का मौसम सबसे घातक था, क्योंकि कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी. मई में एवरेस्ट के नेपाली किनारे पर नौ पर्वतारोहियों की मौत हो गई, जबकि दो की तिब्बती क्षेत्र में मृत्यु हो गई.

भीड़भाड़ के कारण पर्वतारोही शिखर पर एक कतार में फंस गए, जो पहाड़ पर सबसे ऊंचे आधार शिविर से 8,000 मीटर से अधिक दूरी पर स्थित है. इस क्षेत्र को "डेथ ज़ोन" के रूप में जाना जाता है क्योंकि पर्वतारोही अतिरिक्त ऑक्सीजन की आपूर्ति के बिना वहां कुछ मिनटों से अधिक समय नहीं बिता सकते हैं.

इस वर्ष चढ़ाई के मौसम के लिए नेपाल द्वारा प्रत्येक के लिए $ 11,000 की लागत के रिकॉर्ड 381 परमिट जारी किए गए थे, जिससे हाल ही के वर्षों में पर्यटन की खातिर सुरक्षा से समझौता किया जा रहा था.

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First published: 6 June 2019, 14:03 IST
 
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