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हरिद्वार से 'नमामि गंगे' परियोजना का आगाज

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 July 2016, 14:04 IST

मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना 'नमामि गंगे' का आज हरिद्वार में शुभारंभ हुआ. इस दौरान गंगा की सफाई के लिए दो हजार करोड़ रुपये की लागत वाली 231 परियोजनाओं की शुरुआत हुई.

केंद्र सरकार के तीन मंत्रालयों के प्रभारी मंत्रियों ने हरिद्वार में इस महत्वाकांक्षी परियोजना का आगाज किया. केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती के अलावा सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, संस्कृति और पर्यटन मंत्री महेश शर्मा, ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र तोमर और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत भी इस दौरान मौजूद रहे.

कई राज्यों में गंगा तट पर बसे गांवों, कस्बों और शहरों में इस परियोजना का शुभांरभ हो रहा है. परियोजना के तहत सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना और ठोस कचरे को गंगा में मिलने से रोकने के उपाय किए जाएंगे.

केंद्रीय गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने नमामि गंगे अभियान के लिए गीत का सार्वजनिक लोकार्पण करते हुए इसका लिंक अपने ट्विटर पेज पर भी शेयर किया है.

गंगा की सफाई के लिए प्रोजेक्ट

इसके अलावा गंगा के घाटों की मरम्मत और श्मशानों के आधुनिकीकरण के साथ-साथ गंगा में मिलने वाले नालों में आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे. फिलहाल गंगा और यमुना की जल सतह पर सफाई करने और ठोस कचरा इकट्ठा करने के 6 उपकरण लगातार काम कर रहे हैं.

केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने इससे पहले बुधवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके परियोजना से जुड़ी जानकारी दी. 

उमा भारती ने बताया कि ये परियोजनाएं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और दिल्ली में शुरू की जा रही हैं. इसके तहत घाटों का नवीनीकरण, जलमल शोधन संयंत्र (एसटीपी) स्थापित करना, वृक्षारोपण एवं जैव विविधता संरक्षण शामिल है.

उमा भारती ने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, "गंगा ही एक विषय है जिसका विरोध नहीं."

पहले चरण में 400 गांवों का विकास

उमा भारती ने बताया कि उत्तराखंड के देहरादून, गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और चमोली जिलों में 47 परियोजनाएं शुरू की जाएंगी. गंगा ग्राम योजना का उल्लेख करते हुए उमा भारती ने कहा कि इस योजना के पहले चरण में गंगा के तट पर बसे 400 गांवों का विकास किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि देश के 13 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) ने ऐसे 5-5 गांवों का विकास करने की जिम्मेदारी ली है. इन गांवों के 328 सरपंचों को अब तक पंजाब के सींचेवाल गांव ले जाया गया है, जहां उन्होंने सींचेवाल के विकास की जानकारी ली.

उमा भारतीय ने बताया कि गंगा के किनारे आठ जैव विविधता संरक्षण केंद्रों का विकास किया जाएगा. ये केंद्र ऋषिकेश, देहरादून, नरोरा, इलाहाबाद, वाराणसी, भागलपुर, साहिबगंज और बैरकपुर में स्थापित किए जा रहे हैं.

उमा भारती ने ट्वीट करते हुए लिखा, "गंगा सफाई का काम सरकार के साथ गंगा भक्तों का भी है, जो कि जन जन की जागरूकता से होगा."

केंद्रीय गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने नमामि गंगे प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग से पहले ट्वीट किया, "पानी राज्य का विषय है, लेकिन गंगा विश्व की शान है, राष्ट्र का गौरव है."

First published: 7 July 2016, 14:04 IST
 
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