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लगातार सिकुड़ता जा रहा है चंद्रमा, वैज्ञानिकों ने किए ऐसे खुलासे जानकर रह जाएंगे दंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 May 2019, 15:12 IST

बचपन से ही हम चांद को चंदा 'मामा' कहते आ रहे हैं, चांदनी रात में हर किसी को चंद्रमा का दीदार अच्छा लगता है. लेकिन आप ये बात नहीं जानते होगें कि जिस चंद्रमा की खूबसूरती की आप मिसाल देते आए हैं अब वह अपनी खूबसूरती खोता जा रहा है.क्योंकि चंद्रमा का आकार पहले की तुलना में काफी कम हो गया है और वह लगातार सिकुड़ता जा रहा है. ये बात हम नहीं कह रहे बल्कि अमेरिकी वैज्ञानिकों की एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है.

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिकों ने हाल ही में चांद के सिकुड़ने के नए प्रमाण सामने आने के बाद यह बात कही है. वैज्ञानिकों ने बताया है कि चंद्रमा की सतह पर झुर्रियां पड़ रही हैं. ये जानकारी नासा ने सोमवार को एक रिपोर्ट में दी है. वैज्ञानिकों की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि चंद्रमा का आकार कम हो रहा है और ये सिकुड़ता जा रहा है. साथ ही इसकी सतह पर झुर्रियां भी पड़ रही हैं. बता दें कि नासा के वैज्ञानिकों ने चांद की हजारों तस्वीरों का विश्लेषण करने के बाद ये रिपोर्ट बनाई है.

नासा के लूनर रीकॉनिसेंस ऑर्बिटर द्वारा खींची गईं 12,000 से अधिक तस्वीरों के विश्लेषण के बाद ये बात समाने आई है कि चंद्रमा का आकार बदल रहा है. अध्ययन में पता चला है कि चंद्रमा के उत्तरी ध्रुव के पास चंद्र बेसिन 'मारे फ्रिगोरिस' में दरार पैदा हो रही है. यही नहीं ये अपनी जगह से खिसकना भी शुरु हो गया है.

रिपोर्ट में बताया गया है कि, पिछले लाखों सालों में चांद लगभग 150 फुट यानि 50 मीटर तक सिकुड़ गया है. बता दें कि सबसे पहले अपोलो अंतरिक्ष यात्रियों ने 1960 और 1970 के दशक में चंद्रमा पर भूकंपीय गतिविधि को मापना शुरू किया था. उनका यह विश्लेषण नेचर जीओसाइंस में प्रकाशित किया गया था. इस विश्लेषण में चांद पर आने वाले भूकंपों से जुड़ी बातें लिखी गई थीं.

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First published: 15 May 2019, 15:12 IST
 
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