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ठाकरे के नाम पर केकड़े का नाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 February 2016, 19:50 IST

शिवसेना के दिवंगत नेता बाल ठाकरे के पोते तेजस ठाकरे ने केकड़े की एक नई प्रजाति की खोज की है. महाराष्ट्र के पश्चिमी घाटों पर खोजी गई इस प्रजाति को उन्होंने ठाकरे परिवार का नाम दिया है. 

शिवसेना प्रमुख स्व. बाल ठाकरे के पोते और उद्धव ठाकरे के छोटे बेटे 19 वर्षीय तेजस ठाकरे पहले भी कई शोध कर चुके हैं. सेकेंड ईयर आर्ट्स में पढ़ने वाले तेजस ने महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट स्थित सहयाद्री श्रंखला में बसे सिंधदुर्ग के सावंतवाड़ी में लाल रंग के इस नए केकड़े की खोज की. इस केकड़े का कवच लाल-बैंगनी रंग का जबकि पंजे केसरिया रंग के हैं.

लैटिन में लाल का मतलब रूबरा होता है इसलिए तेजस ने केकड़े का नाम गूबरनेट्रियाना रूबरा रखा था. हालांकि डॉ. पाटिल ने इसके नामकरण में ठाकरे परिवार का नाम जोड़े जाने के लिए कहा और गूबरनेट्रियाना ठाकरे रखा. इसके अलावा केकड़े की अन्य प्रजातियों में घाटियाना एट्रोपरपूरिया, घाटियाना स्पलेंडिडा, गूबरनेट्रियाना अलकॉकी और गूबरनेट्रियाना वाघी शामिल हैं. 

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नोवाटाक्सा.ब्लॉगस्पॉट

इससे पहले उनकी इस खोज से जुड़े शोधपत्र साइंटिफिक रिसर्च पेपर "इंटरनेशनल जर्नल जुटाक्सा" में भी छप चुके हैं. तेजस के साथ दल में डॉ एसके पाटिल और अनिल खरे भी जुड़े हैं. इस दल ने बीते कुछ माह में लाल, नारंगी, नीला, सफेद और गहरे नारंगी रंग के पांच केकड़े भी खोजे हैं.

तेजस के मुताबिक केकड़े की ये नई प्रजातियां इसलिए भी खास हैं क्योंकि इनका रंग-रूप बिल्कुल अलग है. ये केकड़े एक ही जगह पाए गए थे. अन्य स्थानों पर इनके पाए जाने की संभावना है. गौरतलब है कि दुनियाभर में केकड़ों की सौ से ज्यादा प्रजातियां हैं और यह अन्य समुद्री जीवों की तुलना में अलग-अलग तरह के वातावरण में रह सकता है.

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तेजस कहते हैं कि जैव विविधता से भरे पश्चिमी घाटों पर हजारों प्रकार की वनस्पतियां और जीव-जंतुओं की प्रजातियां है. 2015 से यहां पर केकड़े की नई प्रजातियों को खोजने की शुरुआत की थी. इसके लिए कोंकण में कई माह बिताने के साथ ही घने जंगलों में रहना पड़ा. 

तेजस केकड़े को खोजने, उसकी तस्वीरें लेने और नमूनों को जुटाने का काम करते थे. जबकि उनके दल के लोग इनके नाम रखने से लेकर इनके बारे में लिखते थे. सबसे पहले उन्होंने सरीसृप और जलचर पर शोध शुरू की थी. 

उन्होंने पांचों प्रजातियों के केकड़ों की तस्वीरें जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधिकारी एसके पाटी के साथ भी शेयर की थीं. पाटी ने इस नई खोज की पुष्टि भी की. उनकी अगली योजना जंगली बिल्लियों की तस्वीरें लेने की है.

First published: 27 February 2016, 19:50 IST
 
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