Home » एन्वायरमेंट » NGT orders Rs 50000 fine on dumping waste between Haridwar and Unnao in stretch of Ganga.
 

'मैली' गंगा पर NGT सख्त, हरिद्वार से उन्नाव तक कूड़ा फेंकने पर बैन

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 July 2017, 14:10 IST

गंगा नदी की सफाई को लेकर एक बार फिर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है. एनजीटी ने गंगा की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए बुधवार को नए निर्देश जारी किए. एनजीटी ने हरिद्वार से उन्नाव तक गंगा नदी में कूड़ा फेंकने पर पूरी तरह रोक लगा दी है. 

एनजीटी ने कहा कि, हरिद्वार से उन्नाव तक अब कोई भी  गंगा नदी के 500 मीटर के अंदर तक कचरा नहीं  फेंक सकता है. हरिद्वार उत्तराखंड में और उन्नाव यूपी में आता है.

 

 

इसी के साथ ही एनजीटी ने अधिकारियों को ये निर्देश दिया कि, अगर कोई इस नियम का उल्लघंन करता है तो उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाए.

 

100 मीटर के दायरे में निर्माण पर रोक

एनजीटी ने अपने आदेश में इस इलाके को 'नो डेवलपमेंट जोन' घोषित कर दिया है. अब गंगा नदी के किनारे 100 मीटर तक कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा.

अपने आदेश में एनजीटी ने कहा कि सरकारें गंगा में सफाई के नाम पर 20,000 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी हैं और इस पर और ख़र्च करने की ज़रूरत नहीं है.

पिछसे साल दिसंबर में एनजीटी ने अहम फैसला सुनाते हुए गोमुख से लेकर हरिद्वार तक पॉलीथिन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी. इसके अलावा गंगा को गंदा करने वाले होटलों, धर्मशालाओं पर आश्रम पर भी 50,000 रुपये का जुर्माना लगाने के आदेश दिए थे. ये आदेश इस साल एक फरवरी से लागू हो गए हैं.

First published: 13 July 2017, 14:10 IST
 
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