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दूल्हे ने दहेज में मांगी ऐसी 'अनमोल' चीज, अपने साथ करेगा हजारों लोगों की जिंदगी आबाद

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 June 2018, 12:26 IST

जहां एक ओर लोग दहेज में महंगी गाड़ी, लाखों रुपये कैश और तमाम तरह की चीजों की डिमांड करते हैं. ऐसे में ओडिशा में एक दूल्हे ने दहेज में ऐसी चीज मांग ली. जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है. इस दूल्हे ने दहेज के रूप में अपने ससुराल वालों से 1000 पौधों की मांग की. ससुराल वालों ने भी दूल्हे को निराश नहीं किया. बल्कि हर बाराती को एक-एक पौधा देकर विदा किया.

ओडिशा में एक दूल्हे ने दहेज में ऐसी चीज की मांग ली जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया. दरअसल, दूल्हे ने दहेज में सिर्फ 1000 पौधे मांगे. जहां एक ओर लोग दहेज में महंगी गाड़ी और लाखों रुपये कैश की डिमांड करते हैं. ऐसे में ओडिशा के दूल्हे की दहेज में पौधे मांगने की चर्चा हर

दहेज की ये अनोखी डिमांड ओडिशा के केंद्रापाड़ा जिला के बलभद्रपुर गांव के रहने वाले सरोज कांत बिस्वाल ने की. 33 साल के सरोज पेशे से एक शिक्षक हैं. उन्होंने कभी इच्छा नहीं जताई कि उनकी शादी में पटाखे छोड़े जाएं या फिर फूलों से मंडप सजाया जाए. सरोज अपनी शादी को एकदम साधारण तरीके से करना चाहते थे.

सरोज की शादी की जब बातचीत शुरु हुुई तो उनके परिवार वालों ने लड़की के पिता से दहेज लेने से मना कर दिया, लेकिन लड़की के पिता उन्हें कन्यादान के रूप में कुछ देना चाहते थे. इस पर सरोज ने अपने ससुराल वालों से दहेज में सिर्फ 1000 पौधे मांगे.

 

बीते शुक्रवार को सरोज और रश्मिरेखा पैतल की शादी संपन्न हुई, इससे पहले गुरुवार को रश्मि के पिता महेश्वर पैतल और परिजन एक ट्रक में 1001 पौधे लेकर सरोज के घर पहुंचे. जिनमें ज्यादातर फल वाले पौधे थे. उसके बाद सरोज की बारात निकलना शुरु हुई.

बता दें कि सरोज बिस्वाल 'गाछा टाइ साथी टाई (पेड़ एक साथी है)' के सदस्य भी हैं. यह संस्था लोगों को पौधे लगाने के लिए जागरूक करता है. इसके लिए उनकी मंगेतर रश्मिरेखा का भी सहयोग मिला. रश्मिरेखा भी पेशे से एक शिक्षक हैं. शादी की रस्मे पूरी करने बाद सरोज ने समय निकाला और शादी में शामिल हुए गांव के लोगों को पौधे बांटे. यही नहीं रिश्तेदारों को रिटर्न गिफ्ट के रूप में पौधे दिए गए.

शादी के बाद सरोज ने बताया कि ये मेरे लिए एक यादगार वाला दिन था, जब मैंने पौधे बांटे , जो मुझे मेरे ससुराल की ओर से मेरी शादी में मिले थे. उन्होंने कहा कि मैं ऐसा कर प्रकृति को बचाने का संदेश देना चाहता हूं. सरोज कहते हैं कि मैं किसी भी रूप में दिए जाने वाले दहेज के खिलाफ हूं. मैं समाज को पेड़ बचाने का संदेश देना चाहता हूं. शादी से बेहतर मौका और क्या हो सकता था जब मैं गांव वालों और रिश्तेदारों को पेड़ लगाने का संदेश दूं.

वहीं दुल्हन रश्मिरेखा ने कहा कि मैं ऐसे इंसान को अपना जीवन साथी बनाने से बेहद खुश हूं, जो दहेज के एकदम खिलाफ हो और लोगों में पर्यावरण को बचाने के लिए जागरुकता फैलाता हो. बता दें कि रश्मिरेखा कटक के रानीपाड़ा के कमला नेहरू गर्ल्स हाईस्कूल में शिक्षिका हैं.

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First published: 25 June 2018, 15:13 IST
 
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