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एक वक्त नर्मदा का गौरव रही महशीर मछली अब विलुप्त होने की कगार पर

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 July 2016, 8:26 IST
QUICK PILL

मध्य प्रदेश की राज्य मछली का दर्जा रखने वाली महशीर मछली, जिसे नदी का बाघ भी कहा जाता है, अब खत्म होने के कगार पर है. कुछ समय पहले तक इनकी संख्या, नर्मदा नदी की कुल मछलियों की 25 से 28 फीसदी तक हुआ करती थी. लेकिन अब यह घट कर चार फीसदी तक रह गयी है.

बोर्ड ऑफ बायोडाइवर्सिटी के एक अध्ययन से पता चला है कि नदियों के जलाशय में तब्दील हो जाने से इनकी संख्या लगातार घट रही है. यानी कि नदी के बहते हुए पानी को बांध बनाकर एक जगह लंबे समय तक रोकने के कारण इन मछलियों पर दुष्प्रभाव पड़ा है. बोर्ड मछलियों की इस प्रजाति को बचाने के प्रयास में जुट गया है. 2011 में महशीर को राज्य मछली घोषित किया गया था.

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अध्ययन में ये बात कही गयी है कि पांच से दस साल पहले महशीर की संख्या नर्मदा नदी में पायी जाने वाली सारी मछलियों की 28 प्रतिशत थी. विभिन्न प्रकार की इंसानी गतिविधियों और बांध बन जाने की वजह से ये आंकड़ा घट कर 4 प्रतिशत हो गया. ये मछली सिर्फ ताजे पानी में रहती है, इसीलिए इसे नदी का बाघ भी कहा जाता है.

गौर करने वाली बात ये है कि महशीर मछली सिर्फ बहते पानी में प्रजनन करती है. बांध बन जाने की वजह से नर्मदा समेत कई नदियों के बहाव पर बुरा असर हुआ है. वो एक बड़े जलाशय के रूप में तब्दील हो गई है. खास तौर पर नर्मदा नदी पर काफी सारे बांध बन जाने की वजह से नदी के बहाव पर असर पड़ा है और इसकी वजह से इन मछलियों की प्रजनन प्रक्रिया प्रभावित हुई है.

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बोर्ड ऑफ बायोडाइवर्सिटी की मैनेजर एलिज़ाबेथ थॉमस ने बताया कि कुछ जगहों पर महशीर के पाये जाने के संकेत मिले हैं. उन्होंने बताया कि खंडवा वन विभाग द्वारा किये गए स्थानीय सर्वेक्षण में वन विभाग के कर्मचारियों और कुछ मछुआरों से पता चला है कि ओंकारेश्वर बांध और खलघाट के बीच जहां से नर्मदा नदी निकलती है, वहां कुछ जगहों पर महशीर मछलियां अब भी पायी जाती हैं. 

कृत्रिम जल प्रवाह से बचाने की कोशिश

बोर्ड ऑफ बायोडाइवर्सिटी के अफसरों का कहना है कि महशीर मछलियां प्राकृतिक रूप से खंडवा वन क्षेत्र के बरवाह वन मंडल में पायी जाती हैं. लेकिन यहां भी इस प्रजाति की छोटी मछलियां और अंडे नहीं पाये गए, यही कारण है कि इनकी संख्या लगातार घट रही है.

बोर्ड ने बरवाह वन मंडल में इन मछलियों को बचाने के लिए एक प्रोजेक्ट शुरू किया है. इस प्रोजेक्ट में पानी का कृत्रिम बहाव पैदा किया जायेगा जिससे महशीर मछलियों को बचाया जा सके. 

First published: 14 July 2016, 8:26 IST
 
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