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देश के 91 प्रमुख जलाशयों में सिर्फ 16 फीसदी पानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 June 2016, 17:58 IST
(एएफपी)

देश के 91 प्रमुख जलाशयों में जलस्तर घटकर उनकी कुल क्षमता के 16 फीसदी पर आ गया है. केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के मुताबिक, 9 जून को इन जलाशयों में 24.85 अरब घन मीटर (बीसीएम) पानी उपलब्ध था.

इन 91 जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 157.799 बीसीएम है, जो देश की अनुमानित जल भंडारण क्षमता 253.388 बीसीएम का लगभग 62 प्रतिशत है. 37 प्रमुख जलाशयों में पनबिजली संयंत्र लगे हैं जिनकी क्षमता 60 मेगावाट से अधिक है.

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पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में जिन राज्‍यों में जल भंडारण की स्थिति बेहतर है उनमें आंध्र प्रदेश, त्रिपुरा और राजस्थान शामिल हैं.

पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में जिन राज्‍यों में जल भंडारण कम रहा उनमें हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पंजाब, पश्‍चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, मध्यप्रदेश, छत्‍तीसगढ़, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल शामिल हैं.

आपको बता दें कि भारत की एक चौथाई आबादी पानी की कमी से जूझ रही है. विश्व बैंक के एक नए अध्ययन के अनुसार पानी की कमी और जलवायु परिवर्तन के कारण 2050 तक भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को छह प्रतिशत का नुकसान हो सकता है.

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इस समय देश के दस राज्य सूखे की मार झेल रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट में एनडीए सरकार द्वारा सूखे पर दायर हलफनामे के अनुसार भारत की 33 करोड़ आबादी सूखे की चपेट में है.

हालांकि इस बीच एक अच्छी खबर आई है. गुरुवार को मौसम विभाग ने संभावना जाहिर की है कि इस बार सामान्य से अधिक बारिश होगी.

जल भंडारण की क्षेत्रवार स्थिति:

उत्‍तरी क्षेत्र

उत्‍तरी क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, पंजाब तथा राजस्‍थान आते हैं. इस क्षेत्र में 18.01 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता वाले छह जलाशय हैं, जो केंद्रीय जल आयोग (सीडब्‍ल्‍यूसी) की निगरानी में हैं. इन जलाशयों में कुल उपलब्‍ध भंडारण 4.03 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 22 फीसदी है. पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की भंडारण स्‍थिति 42 फीसदी थी.

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पूर्वी क्षेत्र

पूर्वी क्षेत्र में झारखंड, ओडिशा, पश्‍चिम बंगाल एवं त्रिपुरा आते हैं. इस क्षेत्र में 18.83 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता वाले 15 जलाशय हैं. इन जलाशयों में कुल उपलब्‍ध भंडारण 3.44 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 18 फीसदी है. पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की भंडारण स्‍थिति 30 फीसदी थी.

पश्‍चिमी क्षेत्र

पश्‍चिमी क्षेत्र में गुजरात तथा महाराष्‍ट्र आते हैं. इस क्षेत्र में 27.07 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता वाले 27 जलाशय हैं. इन जलाशयों में कुल उपलब्‍ध भंडारण 3.34 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 12 फीसदी है. पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की भंडारण स्‍थिति 20 फीसदी थी.

मध्‍य क्षेत्र

मध्‍य क्षेत्र में उत्‍तर प्रदेश, उत्‍तराखंड, मध्‍य प्रदेश तथा छत्‍तीसगढ़ आते हैं. इस क्षेत्र में 42.30 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता वाले 12 जलाशय हैं. इन जलाशयों में कुल उपलब्‍ध भंडारण 8.81 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 21 फीसदी है. पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की भंडारण स्‍थिति 32 फीसदी थी.

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दक्षिणी क्षेत्र

दक्षिणी क्षेत्र में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल एवं तमिलनाडु आते हैं. इस क्षेत्र में 51.59 बीसीएम की कुल भंडारण क्षमता वाले 31 जलाशय हैं. इन जलाशयों में कुल उपलब्‍ध भंडारण 5.24 बीसीएम है, जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 10 फीसदी है. पिछले वर्ष की इसी अवधि में इन जलाशयों की भंडारण स्‍थिति 22 फीसदी थी.

First published: 10 June 2016, 17:58 IST
 
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