Home » एन्वायरमेंट » World Environment Day 2018 know about Theme, Logo and Slogans of this day Beat Plastic Pollution
 

World Environment Day 2018: पृथ्वी को प्रदूषण से बचाने के लिए प्लास्टिक को कहें 'ना'

सुहेल खान | Updated on: 5 June 2018, 10:36 IST

पूरी दुनिया में आज 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन हम तमाम संकल्प लेते हैं, कई प्रतिज्ञाएं करते हैं कि अपने पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए ये करें वो करें. लेकिन अगले ही दिन इन सब बातों को भूल हर हमारी गाड़ी पुराने स्टाइल में चलने लगती है. इस साल विश्व पर्यावरण दिवस की मेजबानी भारत कर रहा है. इस साल के पर्यावरण दिवस की थीम 'प्लास्टिक प्रदूषण से धरती को दूर रखना' है.

आखिर क्यों हम अपने पर्यावरण को इस तरह बर्बाद कर रहे हैं? हम जानते हैं कि पर्यावरण प्रदूषण मुक्त है तो इंसानी सभ्यता का अस्तित्व भी इस पृथ्वी पर है. नहीं तो मानव सभ्यता भी उन तमाम सभ्यताओं, जीव-जन्तु और पेड़ पौधों की तरह खत्म हो जाएगी. जिन्हें हम आज सिर्फ इतिहास की किताबों में पाते हैं.

क्यों पड़ी विश्व पर्यावरण मनाने की जरूरत

आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है. बचपन में ये कहावत हम सबने सुनी और किताबों में पढ़ी होगी. पर्यावरण दिवस मनाना भी इसी आवश्यकता की पूर्ति का एक हिस्सा है. पूरी दुनिया में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए 5 जून 1974 को हमने पर्यावरण दिवस मनाना शुरु किया, ताकि पृथ्वी पर बढ़ रहे प्रदूषण से मानव सभ्यता का मुक्ति दिलाई जा सके, लेकिन बावजदू इसके स्तिथ और अधिक भयावह होती जा रही है.

इससे पहले विश्व पर्यावरण दिवस वर्ष 1972 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा मानव पर्यावरण विषय पर संयुक्त राष्ट्र महासभा का आयोजन किया गया था. इसी चर्चा के दौरान विश्व पर्यावरण दिवस का सुझाव भी दिया गया था. उसके दो साल बाद यानि 1974 से हमने पर्यावरण दिवस मनाना शुरु कर दिया.

1974 में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी ने 'पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति एवं उसका विश्व के भविष्य पर प्रभाव’ विषय पर व्याख्यान दिया था. पर्यावरण-सुरक्षा की दिशा में भारत का यह पहला कदम था. तभी से हम हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाते आ रहे हैं.

विश्व पर्यावरण दिवस वह दिन है जिस दिन दुनियाभर में सबसे अधिक वृक्षारोपण किया जाता है. 19 नवंबर 1986 से पर्यावरण संरक्षण अधिनियम लागू हुआ. इसमें जल, वायु, भूमि- इन तीनों से संबंधित कारक और मानव, पौधों, सूक्ष्म जीव, अन्य जीवित पदार्थ आदि पर्यावरण के अंतर्गत आते हैं.

बता दें कि इस साल विश्व पर्यावरण दिवस के आयोजन की मेजबानी संयुक्त राष्ट्र संघ ने भारत को सौंपी है. हर साल की तरह इस साल भी विश्व पर्यावरण दिवस को एक नई थीम दी गई है.

इस साल की थीम प्लास्टिक के प्रयोग से मुक्ति है. इस थीम पर आधारित पांच दिवसीय समारोह के अंतिम दिन पीएम मोदी पूर्ण अधिवेशन को संबोधित करेंगे.

याद रखें वृक्ष हमारे सबसे अच्छे मित्र हैं. आज हम पेड़ लगाएंगे तो धरती को प्रदूषण से मुक्त कर सकेंगे. अगर पृथ्वी को बचाना है तो पेड़ लगाने हैं और प्लास्टिक प्रदूषण से धरती को दूर रखना. अगर आज पेड़ लगेंगे, तभी हम कल सांस ले पाएंगे. इसलिए आज पेड़ लगाएं और इस खूबसूरत धरा को बचाएं.

ये भी पढ़ें- 'खेती तो दूर की कौड़ी रही, प्यास बुझाने को पानी होना, नसीब की बात होगी'

First published: 5 June 2018, 10:34 IST
 
अगली कहानी