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प्रिंस मर्डर केस : सुप्रीम कोर्ट ने नाबालिग आरोपी की जमानत याचिका की खारिज

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2018, 15:55 IST
(file photo )

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के गुरुग्राम में चर्चित सात साल के छात्र प्रिंस हत्या के आरोपी नाबालिग छात्र को राहत देने से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की डिफॉल्‍ट बेल याचिका को खारिज करते हुए कहा है कि मर्डर केस में चार्जशीट 90 दिनों के भीतर भी दाखिल की जा सकती है. आरोपी की तरफ से जमानत याचिका दाखिल करते हुए कहा गया था कि मामले में तय समय 60 दिन के अंदर आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया. इसलिए उसे जमानत दी जाए.

मीडिया खबरों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस आरएफ नरिमन और इंदु मल्होत्रा की बेंच ने आरोपी नाबालिग की याचिका पर सुनवाई करते हुए साफ किया कि ये मामला हत्या से जुड़ा है. इसमें आरोपी को उम्रकैद तक की सजा हो सकती है.लिहाजा इस मामले में आरोपपत्र 90 दिनों के भीतर भी दाखिल किया जा सकता है. बता दें कि इस मामले में हरियाणा और पंजाब हाईकोर्ट ने पहले ही आरोपी की डिफॉल्ड याचिका को खारिज कर दिया था. जिसके बाद आरोपी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में डिफॉल्ट याचिका दाखिल की गई थी.

गौरतलब है कि पिछले साल 8 दिसंबर को गुरुग्राम के एक प्राइवेट स्कूल में दूसरी क्लास के छात्र प्रिंस की गला रेतकर हत्या कर दी थी. पुलिस ने इस मामले में स्कूल बस कंडक्टर को आरोपी बनाया था. लेकिन बाद में प्रिंस के परिवार की मांग पर इस मामले की जांच सीबीआई की सौंपी गई. सीबीआई ने अपनी जांच में स्कूल के ही एक 16 साल के नाबालिग छात्र को आरोपी बनाया. जांच में सामने आया कि छात्र ने परीक्षा पोस्टपोन कराने के लिए प्रिंस की हत्या की थी.

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First published: 20 July 2018, 15:55 IST
 
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