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खिलाड़ियों से 33% कमाई मांगने के फरमान के कुछ ही घंटे बाद औंधे मुंह गिरी खट्टर सरकार!

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 June 2018, 18:50 IST

हरियाणा सरकार ने शुक्रवार को राज्य के खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि और विज्ञापनों से मिलने वाले पैसों का एक-तिहाई हिस्सा हरियाणा स्पोर्ट्स काउंसिल को देने के फैसले किया था. लेकिन अब सरकार ने इस पर यूटर्न ले लिया है. हरियाणा सरकार ने इस मामले को लेकर अगला आदेश आने तक रोक लगा दी है.

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को एक ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है. बता दें कि हरियाणा सरकार के खिलाड़ियों से उनकी आय का 33 फीसदी हिस्सा देने का फैसला आने के बाद राज्य सरकार की चौतरफा निंदा हो रही थी.

कुछ ही घंटे में आलोचना की आंच सहकर सरकार ने तुरंत प्रभाव से इस फैसले पर अगली सूचना आने तक के लिए रोक लगा दी है. सीएम खट्टर ने अपने ट्वीट में लिखा, "मैंने खेल विभाग से इस संबंध में सभी फाइलें और जानकारी मांगी है और अगले आदेश तक 30 अप्रैल को जारी की गई अधिसूचना को रोक दिया गया है. हमें अपने खिलाड़ियों के अतुलनीय योगदान पर गर्व है." 

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इस नोटिफिकेशन को लेकर बबिता फोगाट ने कहा, "मैं इस नोटिफिकेशन से दुखी हूं. ऐसा लगता है जैसे ये पॉलिसी किसी अनपढ़ ने बनाई है. क्योंकि वे नहीं जानते कि हम पहले से ही कंप्टीशंस में जीतने के बाद मिली इनामी राशि पर टैक्स पे करते हैं. यदि ऐसा होता है तो खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस पर असर पड़ेगा."

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इससे पहले ओलोंपिक मेडिलिस्ट और रेस्लर सुशील कुमार ने कहा, "सरकार को इस पॉलिसी के बारे में दोबारा सोचना चाहिए. हमने कभी भी इस तरह के आदेश के बारे में दुनिया के किसी भी कोने में नहीं सुना. इस बात से जाहिर तौर पर खिलाड़ियों के मनोबल और परफॉर्मेंस पर भी असर पड़ेगा. " 

हरियाणा सरकार का खेल से जुड़ा विवाद नया नहीं है इससे पहले सरकार ने कॉमनवेल्थ में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को एक उचित इनामी राशी देनी की बात कही थी. इसके लिए खट्टर सरकार ने एक सम्मान समारोह भी रखा था लेकिन बाद में जब गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ में 22 खिलाड़ियों ने मेडल जीत लिया तो खट्टर सरकार ने इनामी राशि में कटौती कर दी. इसके बाद कई खिलाड़ियों ने सम्मान समारोह का बहिष्कार कर दिया. ऐसे में सरकार को सम्मान समारोह रद्द करना पड़ा था.

First published: 8 June 2018, 18:36 IST
 
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