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हरियाणा से महिला अफसर की गुहार, सीएम खट्टर साहब बेटी बचाओ प्लीज़!

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 November 2016, 15:28 IST

देशभर में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना की इन दिनों खूब चर्चा है. जन-धन योजना, मेक इन इंडिया और स्वच्छ भारत अभियान के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को हरियाणा के पानीपत से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का आगाज किया था.

लेकिन दुख की बात यह है कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे हरियाणा में ही सवालों के घेरे में हैं. सवाल उठाने वाली भी कोई मामूली शख्स नहीं केंद्र सरकार की प्रतिष्ठित इंडियन इंफॉर्मेशन सेवा की अधिकारी हैं. 

जाहिर है किसी पीड़ित के दुख दर्द को अगर जिम्मेदार न सुने या दबाव में आकर कार्रवाई न करे, तो पीड़ित को क्या करना चाहिए ? उसे किसके दर पर गुहार लगानी चाहिए? अगर हिम्मत करके आवाज़ उठाने की कोशिश करे भी तो सरकारी मशीनरी का उस आवाज को दबाना कितना जायज है? क्या देश में सिर्फ रसूख वालों की बातों पर ही गौर किया जाएगा.

महिला अफसर गीता यथार्थ ने लगाए आरोप

यह सारे सवाल इसलिए हैं कि हरियाण के गुड़गांव में गीता यथार्थ नाम की महिला अफसर ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है. आरोपों के घेरे में उनके पति हैं, जो खुद हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) के सदस्य हैं.

गीता का आरोप है कि उनके पति राज्य के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के खास आदमी हैं. घरेलू आना-जाना है. इसलिए मंत्री की शह पर गुड़गांव पुलिस कोई कदम नहीं उठा रही है. 

फेसबुक पोस्ट के जरिए यथार्थ ने अपना दर्द बयां किया है. पोस्‍ट में उन्‍होंने लिखा है कि अपने पति के खिलाफ दहेज, उत्पीडन और अन्य मामलों में पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है.

गुड़गांव पुलिस पर शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के दबाव में जांच ठंडे बस्ते में डालने का आरोप है. (फेसबुक)

'इस लड़की को कबसे जानते हो?'

अटेंशन

सब लोग प्लीज़ ध्यान दें,

मेरे दोस्तों के पास पुलिस महिला थाना, गुडगांव से फोन आ रहा है, मुझसे फ़ोन पर बात करने वाले लोगों से पूछताछ की जा रही है. मुझे नहीं पता मैंने क्या क्राइम किया है? ऐसा क्यों किया जा रहा है?

आप लोग डरना मत...अब तक 3 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है.. एक पति के पूर्व ड्राइवर और उसकी पत्नी से...दूसरा मेरी सर्विस में काम करने वाले जयकिशन जी से...

मेरी कुछ सहेलियां गांव की हैं जो पुलिस के नाम से ही घबरा जाती हैं...सबसे पूछा जा रहा है, इस लड़की को कबसे जानते हो, क्या बात करते हो, क्यों करते हो...?

दोस्तों को थाना, गुडगांव आने को कहा जा रहा है...आपकी बातों को रिकॉर्ड किया जाता है...कल को मैसेंजर या फेसबुक पर बात करने वालों से भी पूछताछ की जा सकती हैं...

देश के कोने-कोने से लोग गुडगांव कैसे आएंगे...!!

फेसबुक

मामला यह है

मैंने मेरे पति के खिलाफ महिला पुलिस थाना गुडगांव में दहेज़, उत्पीडन व अन्य मामलों में एप्लीकेशन दी थी. 17.09 .2016 को. नंबर-574-5 P II / 17.09.16.

जब मैं थाने में केस का स्टेटस पता करने जाती हूं, तो मुझे धमका कर भगा दिया जाता है. कहते हैं और बहुत काम हैं, अकेले आपकी एप्लिकेशन नही है.

मैंने तीन दिन पहले डीसीपी साहब को एप्लीकेशन दी है, वर्तमान एसीपी और केस के आईओ को बदलवाने के लिए. इसी के लिए सीएम विंडो पर भी गुहार लगाई है.

मैंने पहले कभी नहीं सुना- पति के खिलाफ दहेज़, उत्पीडन व अन्य मामले में एप्लीकेशन देने पर पत्नी के दोस्तों-रिश्तेदारों को ऐसे तंग किया जाता हो.

मेरे पति, देवेंद्र सिंह, हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (एचएसएससी) के मेंबर हैं. शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा जी के खास आदमी हैं. घरेलू आना-जाना है. सास-ससुर नहीं हैं मुझे, इसलिए मंत्री जी, उनके छोटे भाई राजू जी और उनकी पत्नी सास-ससुर की जगह माने जाते रहे हैं.

(मैं कोई आतंकवादी नहीं हूं, केंद्र सरकार की कर्मचारी हूं. पुलिस वेरिफिकेशन करके सरकार नौकरी लगाती है. हरियाणा पुलिस को मेरे बारे में ज्यादा जानना है तो केंद्र सरकार से क्यों नहीं पूछ लेती.)

(इसलिए बता रही हूं कि आप डरें न. और किसी और के पास फ़ोन आये तो मुझे सूचना दें.)

सीएमओ हरियाणा, माननीय मुख्यमंत्री जी,

आप खुद इस मामले में संज्ञान लें, क्योकि कुछ लोगों के नाम मैंने डर के मारे एप्लीकेशन में नहीं लिखे, उनमें से एक आपके ओएसडी भी हैं. कृपया मिलने का समय दें, व्यक्तिगत तौर पर मिलकर सब कुछ बताना चाहती हूं.

यथार्थ, जबसे एक महीने का भी नहीं हुआ था, तबसे मुझे पुलिस द्वारा तंग किया जा रहा है. मुझे और मेरे परिवार को जान का खतरा है.

First published: 8 November 2016, 15:28 IST
 
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