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मनोहर लाल खट्टर: जाट आरक्षण की बरसी पर मुआवजे का मरहम

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 February 2017, 11:39 IST
कैच न्यूज़

हरियाणा में एक तरफ फिर से जाट आरक्षण की लड़ाई सिर उठा रही है वहीं दूसरी तरफ हरियाणा सरकार सरकार ने इस मामले में अपना रुख कड़ा करने का संकेत दिया है. मुख्यमन्त्री मनोहर लाल खट्टर ने पिछले साल जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हमले का शिकार हुए हुए और अपनी संपत्ति गंवा चुके लोगों को मुआवजा जारी करना शुरू कर दिया है.

खट्टर सरकार की नई मुआवजा नीति के मुताबिक गोली लगने से घायल हुए व्यक्ति को एक लाख रुपये की अदायगी की जाएगी और अन्य किसी तरह क हिंसा का शिकार हुए व्यक्ति को 50,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. मामूली चोट से घायल हुए व्यक्तियों को 25,000 रुपये की राशि दी जाएगी.

मुख्यमंत्री ने यह राहत राशि मुख्यमन्त्री राहत कोष से अदा करने का निर्देश दिया है. आदेश के तत्काल बाद उपायुक्तों को मुावजा अदायगी शुरू करने के निर्देश दिये गए हैं.

दूसरी तरफ हरियाणा में एक बार फिर से स्थितियां विस्फोटक होने के आसार हैं. 19 फरवरी को जाटों के नेता यशपाल मलिक ने रोहतक में फिर से जाटों को इकट्ठा होने का आह्वान किया है. आंदोलनकारी जाट नेताओं ने 19 फरवरी को बलिदान दिवस मनाने की घोषणा की है.

किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए हरियाणा के पुलिस प्रशासन ने एहतियाती उपाय कर लिए हैं. हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मोहम्मद अकील ने राज्य की जनता को भरोसा देते हुए कहा है कि जाट नेताओं द्वारा आयोजित बलिदान दिवस के मद्देनजर प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं. राज्य में हालात शांतिपूर्ण बनाए रखने की हरचंद कोशिश की जाएगी और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा की का पूरा इंतजाम रहेगा.

अकील अहमद ने चण्डीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बातें कहीं. आंदोलन से पहले बुलाए गए इस महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस का संचालन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के मीडिया सलाहकार अमित आर्य ने किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 19 फरवरी को आयोजित अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति (एआईजेएएसएस) के बलिदान दिवस के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किये गए हैं. उन्होंने कहा कि एआईजेएएसएस के नेता प्रदेश के 19 जिलों में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे.

प्रदेश की कानून व्यवस्था के संबंध में सोशल मीडिया चल रही अफवाहों को झूठा और आधारहीन बताते हुए अकील अहमद ने इन पर ध्यान न देने की अपील भी की है. उन्होंने रेल और राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा का भरोसा दिया है.
आंदोलकारी जाट नेताओं के साथ बातचीत के संबंध में पूछे जाने पर अकील अहमद ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा गठित कमेटी और जाट नेताओं के बीच पहले दौर की बातचीत पानीपत में सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण माहौल में हो चुकी है और अगले दौर की बातचीत सम्भवत: 20 फरवरी को होगी.

First published: 19 February 2017, 11:39 IST
 
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