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प्रद्युम्‍न हत्‍याकांड: कोर्ट ने आरोपी छात्र को नहीं दी ज़मानत

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 January 2018, 13:12 IST

रेयान इंटरनेशनल स्कूल में सात साल के प्रद्युम्‍न ठाकुर की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार आरोपी छात्र पर गुरुग्राम की सेशन कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आरोपी को बालिग मानते हुए सुवनाई की. इसी के साथ कोर्ट ने हत्या के आरोपी छात्र को जमानत देने वाली याचिका खारिज कर दी.

कोर्ट में बालिग के तौर पर आरोपी छात्र पर इस मामले में 3 जनवरी का सुनवाई हुई थी. आरोपी छात्र को उस समय पहली बार गुरुग्राम के सत्र न्यायलय में पेश किया गया था. क्लास दो में पढ़ने वाले प्रद्युम्न ठाकुर की चाकू से गला रेतकर हत्या करने के आरोपी छात्र की उम्र 16 साल है. अब बालिग की तरह केस चलने पर आरोपी छात्र को उम्रकैद से लेकर फांसी की सजा हो सकती है.

प्रद्युम्‍न ठाकुर के पिता की तरफ से वकील अश्विनी कुमार ने बताया, " आरोपी छात्र की जमानत याचिक खारिज कर दी गई है. साथ ही कोर्ट ने कहा है कि अब इस बंद कमरे में कैमरों की मौजूदगी में सुनवाई होगी, अगली सुनवाई की तारीख 22 जनवरी को रखी गई है."

गौरतलब है कि पिछले साल 20 दिसंबर को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने आदेश दिया था कि प्रद्युम्‍न की हत्या के आरोपी छात्र पर बालिग के तौर पर केस चलाया जाएगा. बोर्ड ने आरोपी किशोर के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक विकास रिपोर्ट के आधार पर कहा था कि आरोपी को व्यस्क माना जाएगा. वकील ने कहा था कि वरिष्ठ क्लीनिक मनौवैज्ञानिक डॉ. जोगिंदर सिंह कायरो ने आरोपी के साथ पांच घंटे समय गुजारने के बाद मनोवज्ञानिक रिपोर्ट तैयार की थी. सीबीआई ने आरोपी छात्र को दो महीने बाद हिरासत में लिया था.

8 सितंबर को हुई थी प्रद्युम्न की हत्या

गुरुग्राम के रायन इंटरनेशल स्कूल में पढ़ने वाले कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न की बीते 8 सितंबर को बाथरूम में गला काटकर नृशंस हत्या कर दी गई थी. इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने कंडक्टर अशोक कुमार को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था. पुलिस का कहना है कि कुमार ने बच्चे का शोषण करने की कोशिश की, जिसमें विफल रहने पर उसने बच्चे की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी. लेकिन बाद में वह अपने बयान से पलट गया था और उसने फंसाने की बात की.

सीबीआई के हाथ में केस आने के बाद सीबीआई ने हरियाणा पुलिस की थ्योरी को खारिज कर दिया था. केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने खुलासा किया कि प्रद्युम्न की हत्या उसके स्कूल में पढ़ने वाले 11वीं के छात्र ने की थी. सीबीआई का दावा है कि आरोपी छात्र पीटीएम और एग्‍जाम टालना चाहता था. सीबीआई का कहना था कि आरोपी छात्र ने कुछ दिनों पहले अपने दोस्‍त को बताया था कि वह एग्‍जाम को टलवा देगा. 

गौरतलब है कि प्रद्युम्न के माता-पिता शुरु से ही पुलिस की जांच पर सवाल उठा रहे थे. प्रद्युम्न के माता-पिता और स्कूल के अन्य अभिवावको के भारी दबाव के बीच हरियाणा सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआइ को सौंप दी थी. सीबीआई को जांच सौंपने के बाद आए इस नए मोड़ ने गुरुग्राम पुलिस की जांच पर भी सवाल उठा दिए हैं.

First published: 8 January 2018, 13:12 IST
 
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