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प्रद्युम्न हत्याकांड: अदालत में आरोपी छात्र का नाम होगा 'भोलू' और रेयान स्कूल कहलाएगा 'विद्यालय'

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 February 2018, 13:49 IST

पिछले साल गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुई छात्र की हत्या के मामले में कई मोड़ आए. लेकिन अंत में सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल कर दिया. वहीं हत्या के मामले में पकड़े गए कंडक्टर को आरोपमुक्त कर दिया. सीबीआई ने चार्जशीट में स्कूल के ही एक छात्र को हत्या का मुख्य आरोपी बताया गया है. लेकिन कोर्ट ने आरोपी छात्र की पहचान उजागर ना करने के आदेश दिये हैं.

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सीबीआई की चार्जशीट के दाखिल करने के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि आरोपी छात्र को पहचान गुप्त रखी जाएगी. जिसके लिए आरोपी छात्र को भोलू और वारदात वाले स्कूल को विद्यालय के नाम से पुकारा जाए. वहीं जिस बच्चे की हत्या की गई उसे प्रिंस कहा जाएगा.

क्या था पूरा मामला

गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशल स्कूल में पढ़ने वाले दूसरी क्लास के छात्र प्रद्युम्न की बीते 8 सितंबर को बाथरूम में गला काटकर नृशंस हत्या कर दी गई थी. इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने कंडक्टर अशोक कुमार को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया था. पुलिस का कहना है कि कुमार ने बच्चे का शोषण करने की कोशिश की, जिसमें विफल रहने पर उसने बच्चे की चाकू से गला काटकर हत्या कर दी. लेकिन बाद में वह अपने बयान से पलट गया था और उसने फंसाने की बात की.

सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में क्या कहा

सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कई अहम सबूत पेश करने का दावा किया. जिस बाथरूम में प्रिंस की हत्या हुई, वहां से मिले उंगलियों के निशान आरोपी भोलू की उंगलियों के निशान से मिलते हैं. जिस हथियार से हत्या हुई, उस चाकू की पहचान भी हो गई है. आरोपी भोलू के मोबाइल और ईमेल से भी एजेंसी को कई सबूत मिले हैं. साथ ही सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की गई है.

वहीं सीबीआई ने मौक ए वारदात के हालात और कुछ गवाहियों को भी आधार बनाया है. वारदात के पहले और बाद में आरोपी के व्यवहार को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है. लेकिन हत्या का मकसद परीक्षाएं रुकवाना और पीटीएम टलवाना ही बताया है.

सीबीआई ने पेश की 2000 पेज की चार्जशीट

चार्जशीट में सीबीआई ने आरोपी छात्र को नाबालिग बताया है. मगर उस पर बालिग की तरह केस चलेगा, यह पहले ही तय हो चुका है. 2000 पन्नों की इस चार्जशीट में सीबीआई ने कंडक्टर को आरोपमुक्त करने की बात कही है. वहीं सीबीआई को अब इस मामले में स्कूल और पुलिस की भूमिका की भी जांच करनी है. आखिर इस मामले में सबसे पहले एक कंडक्टर को आरोपी बनाया गया था जिसे अब छोड़ दिया गया है. अदालत ने मामले की संवेदनशीलता समझते हुए इनकी पहचान उजागर करने पर रोक लगाई है.

First published: 6 February 2018, 13:49 IST
 
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