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सावधान ! ...तब तो जल्दी ही पूरी दिल्ली बन जाएगी नामर्द

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 October 2018, 8:53 IST

आज की बदलती जीवन शैली और खान पान की बिगड़ती आदतों ने मनुष्य की सेहत पर बहुत बुरा असर डाला है. अब ये मनुष्य की फर्टिलिटी को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहा है. हाल ही में एक अध्य्यन में पाया गया है कि मनुष्यों में इनफर्टिलिटी का बहुत बड़ा कारण वायु प्रदुषण भी है. महिलाओं के गर्भपात का एक कारण हवा में बढ़ता प्रदूषण भी हैं. तो वहीं दूसरी तरफ हवा में बढ़ते इस प्रदुषण की वजह से पुरुषों में शुक्राणुओं की संख्या और क़्वालिटी में कमी हो जाती है.

इतना ही नहीं पुरुषों में शारीरिक संपर्क बनाने की इच्छा उत्पन्न करने वाले जरूर हार्मोन जिसे टेस्टोस्टेरोन कहते हैं उसकी कमी होती जा रही है. इसी के साथ वायु प्रदुषण की वजह से ही मर्दों के स्पर्म सेल प्रोडक्शन में भी कमी आने लगती है.

वायु प्रदुषण के कारण पुरुषों में होने वाली शुक्राणुओं की कमी के बारे में डॉक्टर्स ने बताया कि "कई लोगों के वीर्य में तो शुक्राणुओं की संख्या इतनी कम पाई गई है कि गर्भधारण के लिए जरूरी न्यूनतम मात्रा जितने शुक्राणु भी उनमें नहीं पाए गए. स्पर्म काउंट में इतनी ज्यादा कमी आने की वजह से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है और शुक्राणुओं के एक जगह इकठ्ठा हो जाने की वजह से वे फेलोपाइन ट्यूब में भी सही तरीके से नहीं जा पाते हैं, जिसके चलते कई बार कोशिश करने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो पाता है."

वायु प्रदुषण के नकारात्मक प्रभाव बताते हुए डॉक्टर्स ने कहा, "पुरुषों में फर्टिलिटी कम होती जा रही है, इसका सबसे पहला और प्रमुख संकेत संभोग की इच्छा में कमी के रूप में सामने आता है. स्पर्म सेल्स के खाली रह जाने और उनका अधोपतन होने के पीछे जो मैकेनिज्म मुख्य कारण के रूप में सामने आता है, उसे एंडोक्राइन डिसरप्टर एक्टिविटी कहा जाता है, जो एक तरह से हारमोन्स का असंतुलन है."

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वायु प्रदुषण हवा के उन छोटे छोटे कणों के माध्यम से फैलता है जो कि हमारे बाल से 30 गुना ज्यादा तक बारीक होते हैं. हवा के साथ ही उसमें घुले कॉपर, जिंक, लेड जैसे घातक तत्व भी हमारे शरीर में चले जाते हैं, ये कण बहुत ही हानिकारण होते है. लंबे समय तक जब हम ऐसी जहरीली हवा में सांस लेते रहते हैं जरूरी हार्मोन टेस्टोस्टेरॉन जो कि पुरुषों में कामेक्षा उत्पन्न करते हैं उनकी कमी हो जाती है और साथ ही में स्पर्म सेल के प्रोडक्शन में कमी आने लगती है.

इस रिपोर्ट की मानें तो इसका सबसे ज्यादा खतरा देश की राजधानी दिल्ली को है. क्योंकि हाल ही में आई रिपोर्ट से ये साफ हुआ है कि दिल्ली में सबसे ज्यादा वायु प्रदूषण है. ये वायु प्रदूषण दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है. तब तो दिल्ली वालों में फर्टिलिटी कम होने की सबसे ज्यादा आशंका है.

First published: 16 October 2018, 20:19 IST
 
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