Home » हेल्थ केयर टिप्स » difference between cardiac arrest and heart attack
 

जानें हार्ट अटैक आैर कार्डिएक अरेस्ट में क्या है फर्क

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 December 2016, 18:43 IST

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को रविवार रात को 'कार्डियक अरेस्ट' होने की ख़बर मिली थी, जिसके बाद कहा जाने लगा कि उन्हें 'दिल का दौरा' पड़ा है, लेकिन दिल का दौरा पड़ना दरअसल हार्ट अटैक कहलाता है, और कार्डियक अरेस्ट इससे अलग और ज़्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. 

जयललिता को इस वक्त ECMO सिस्टम पर रखा गया है. ये ECMO सिस्टम शिराओं से आने वाले खून में ऑक्सीजन मिलाकर उसे धमनियों के जरिए शरीर के अंगों तक पहुंचाता है. इस सिस्टम के जरिए किसी व्यक्ति को कई दिनों या हफ्तों तक ईसीएमओ पर रखा जा सकता है...

जानें क्या है हार्ट अटैक : 

हार्ट अटैक तब होता है जब हार्ट को खून पहुंचाने वाली किसी आर्टरी या धमनी में ब्लाकेज हो जाता है, इससे हृदय की पेशियां काम करना बंद कर देती हैं, धमनियों में आए इस तरह आई ब्लॉकेज को दूर करने के लिए कई तरह के उपचार किए जाते हैं, जिनमें एंजियोप्लास्टी, स्टंटिंग और सर्जरी शामिल हैं, और कोशिश होती है कि दिल तक खून पहुंचना नियमित हो जाए.

जानें क्या है कार्डिएक अरेस्ट : 

कार्डिएक अरेस्ट हृदय की खून को पंप करने की गति के रुक जाने को कहते हैं. अंग काम करना बंद करने लगते हैं. हालत खराब होने पर धड़कने बंद हो जाती हैं. कार्डियक अरेस्ट के इलाज के लिए मरीज को कार्डियोपल्मोनरी रेसस्टिसेशन (सीपीआर) दिया जाता है, जिससे उसकी उसकी हृदयगति को नियमित किया जा सके. मरीज को 'डिफाइब्रिलेटर' से बिजली का झटका दिया जाता है, जिससे दिल की धड़कन को नियमित होने में मदद मिलती है.

वैसे, जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी हो, उनमें कार्डियक अरेस्ट होने की आशंका ज़्यादा रहती है. जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक हो चुका हो, उनमें कार्डियक अरेस्ट की आशंका बढ़ जाती है. 

First published: 5 December 2016, 18:43 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी