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ब्रेन ट्यूमर के मरीज मिर्गी की दवा खाकर जी सकते हैं लंबी जिंदगी

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 July 2018, 13:03 IST

ग्लूकोमा, मिर्गी व हार्ट फेल्योर के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा तेजी से बढ़ते ब्रेन ट्यूमर के पीड़ितों के लिए सहायक हो सकती है, वह ज्यादा समय तक जी सकते हैं। दिमागी ट्यूमर को ग्लिओब्लास्टोमा के नाम से जानते हैं.

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शोधकर्ताओं ने पाया है कि ज्यदातर ग्लिओब्लासटोमा मरीजो में उच्च स्तर का प्रोटीन बीसीएल-3 टेमोजोलोमाइड (टीएमजेड) के फायदेमंद प्रभावों पर उदासीन व्यवहार करता है. टीएमजेड बीमारी की कीमोथेरपी के लिए अक्सर प्रयोग किया जाता है.

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प्रोटीन टीएमजेड से कैंसर कोशिकाओं की रक्षा करता है. यह एक बचाव करने वाले एंजाइम को सक्रिय करके कैंसर कोशिकाओं की रक्षा करता है. इस एंजाइम का नाम काबोर्निक एनहाइड्रेज 2 है. शोधकर्ताओं के दल ने कहा कि ऊंचाई की बीमारी की दवा एसिटाजोलमाइड एक कार्बनिक एनहाइड्रेज अवरोधक है और टीएमजेड की ट्यूमर कोशिकाओं को मारने की क्षमता को पुनस्र्थापित कर सकती है. इस प्रकार टीएमजेड को एसीटाजोलमाइड जोड़ने से ग्लिओब्लास्टोमा के साथ लंबे समय तक जीवित रहने में मदद मिल सकती है.

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First published: 11 July 2018, 13:03 IST
 
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