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वजन कम करने में कारगर है रोजाना 'वजन' करना

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 August 2017, 19:44 IST

जाहिर है कि बिना अपने भोजन का पैटर्न और जीभ का स्वाद बदले वजन कम करने का तरीका ज्यादातर लोगों को काफी पसंद आएगा. हालांकि ऐसा पूरी तरह होता नहीं है. लेकिन वैज्ञानिकों की मानें तो वजन कम करने का एक और कारगर तरीका भी हो सकता है और वो है रोजाना अपना भार तौलना.

एक ताजा शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि रोजाना खुद का वजन तौलने वाले व्यक्तियों की वजन कम करने की मशक्कत कारगर साबित होती है. 294 छात्राों पर किए गए एक शोध में इसका पता चला है.

शोधकर्ताओं ने पेंसिलवेनिया यूनिवर्सिटी और ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी की 294 छात्राओं को अपने इस शोध में शामिल किया और पाया कि जिन्होंने दो सालों तक रोज अपना वजन तौला, उनके बॉडी फैट और बीएमआई (बॉडी मास इंडेक्स) में कमी नजर आई है.

इसके अलावा अलग-अलग वजन की इन छात्राओं को शोध के शुरुआत में यह नहीं बताया गया था कि उन्हें अपना वजन कम करना है. शोधकर्ताओं द्वारा एक आम अवधारणा की यूनिवर्सिटी में पहुंचने वाले स्टूडेंट्स अपने फर्स्ट ईयर में काफी वजन बढ़ा लेते हैं, की जांच के लिए यह शोध किया गया था.

वास्तव में 2009 में हुए एक शोध में पता चला था कि यूनिवर्सिटी पहुंचने वाले 70 फीसदी स्टूडेंट्स का वजन पहले साल में बढ़ जाता है.

लेकिन रोजाना खुद का वजन लेने पर न केवल छात्राएं अतिरिक्त वजन बढ़ाने में बल्कि वजन कम करने में सफल रहती हैं. वहीं, जिन्होंने रोजाना अपना वजन नहीं लिया उनके बीएमआई में अपेक्षाकृत कम बदलाव दिखा.

शोध की प्रमुख लेखक डायने रोजेनबौम कहती हैं, "हालांकि शरीर की चर्बी और बीएमआई में कमी में बहुत ज्यादा अंतर नहीं था लेकिन फिर भी यह बात महत्वपूर्ण है. वो भी ऐसे वक्त में जब यह पता हो कि रोजाना खुद का वजन तौलने वाली छात्राओं के दिमाग में वजन कम करने को लेकर कोई चिंता नहीं थी."

रोजाना अपना वजन तौलने की वजह से व्यक्ति अपने शरीर पर ज्यादा ध्यान देता है

वे आगे कहती हैं, "हमें यह उम्मीद नहीं थी. वजन कम करने के लिए हमारे कहने के बिना ही वे वजन कम कर रहे थे."

हालांकि शोधकर्ता पुख्ता रूप से यह नहीं कह सकते हैं कि रोजाना वजन तौलने का संबंध वजन कम करने से है लेकिन माना जा रहा है कि रोजाना अपना वजन तौलने की वजह से व्यक्ति अपने शरीर पर ज्यादा ध्यान देता है.

ड्रेक्सेल यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ ऑर्ट्स एंड साइंसेज के एसोसिएट प्रोफेसर मेघन बट्रिन कहते हैं, "नियमित रूप से खुद का वजन तौलना आपको पौष्टिक भोजन और एक्ससरसाइज करने के लिए प्रेरित करता है. इसकी वजह क्योंकि यह प्रक्रिया नियमित रूप से आपको यह सबूत देती है कि ऐसा करने से आप वजन कम करने के साथ ही वजन बढ़ने से रोक सकते हैं."

वे आगे बताते हैं, "इसी तरह अगर आपको मशीन पर वजन बढ़ता दिखाई देता है तो यह जानकारी आपको इसे कम करने के लिए प्रेरित करती है."

हालांकि किसी व्यक्ति के वजन में बढ़ोतरी या कमी होना सामान्य बात है. इसके पीछे तमाम कारण होते हैं. मसलन खाली पेट वजन तौलना, कुछ खाकर तौलना, पानी की कमी, शौच के बाद, पिछली रात आपने क्या खाया था जैसी अन्य बातें.

लेकिन वजन पर नियमित नजर रखकर खुद को फिट रखने के अलावा किसी गंभीर बीमारी के चलते अचानक बहुत तेजी से वजन बढ़ने या घटने पर भी समय रहते ध्यान दिया जा सकता है.

First published: 19 August 2017, 19:43 IST
 
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