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डायबिटीज के लिए रामबाण से कम नहीं है जामुन की गुठली, ये फायदे भी जानकर दंग रह जाएंगे

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 August 2018, 13:44 IST

बारिश के मौसम में आपको हर मार्केट में जामुब बिकते मिल जाएंगे. लोगों को खट्टे-मीठे जामुन का स्वाद खूब पसंद आता है. अब तक आप जामुन को स्वाद के लिए ही खाते होंगे, लेकिन जामुन का आपके स्वास्थ्य से भी गहरा नाता है. जामुन आपको स्वस्थ रखने में मदद करता है. जामुन की गुठली भी किसी से कम नहीं होती. जामुन की गुठली में औषधीय तत्व पाए जाते हैं, इसलिए ये आपको स्वस्थ रखने में सहायक है.

जामुन की गुठली डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. आयुर्वेद में जामुन को डायबिटीज के मरीजों के लिए एक बेहतर फल माना जाता है. लेकिन, डायबिटीज में केवल जामुन ही नहीं, बल्कि जामुन की गुठली का पाउडर भी बहुत फायदा देता है. हालांकि जामुन के बीज का इस्तेमाल वैकल्पिक उपचारों में किया जाता है.

आयुर्वेद में डायबिटीज कंट्रोल करने, यूनानी और चीनी दवाओं में पाचन संबंधी रोगों के लिए जामुन के गुठली का इस्तेमाल होता है. जामुन की गुठली विटामिन ए और सी का बेहतर स्रोत है.

कैसे करें जामुन की गुठली का इस्तेमाल

डायबिटीज के के मरीजों के लिए जामुन का पाउडर बेहतर विकल्प माना जाता है. ऐसे में जामुन की गुठली का पाउडर बनाकर रख लें. जामुन की गुठली का पाउडर बनाने के लिए जामुन खाने के बाद गुठली को अच्छी तरह धो लें. फिर इसे धूप में अच्‍छी तरह से सुखाकर इसका छिलका उतार लें.

गुठली के अंदर का हिस्सा पिस्ता की तरह नजर आने लगेगा. अब इस छिलके के साथ पतला पाउडर लें. लेकिन ध्‍यान रहें कि सूखने के बाद गुठली सख्‍त हो जाती है. इसलिए गुठली को पीसने से पहले इसके छोटे-छोटे टुकड़े जरूर कर लें और उसके बाद बारीक पीस लें. इसके बाद रोजाना एक चम्मच पाउडर सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ खाएं. कुछ ही दिनों में आपकी डायबिटीज कंट्रोल हो जायेगी.

इन रोगों में भी जामुन की गुठली देती है आराम

डायबिटीज के अलावा भी जामुन की गुठली का बना पाउडर कई और बीमारिओं में भी आराम देता है. अगर किसी को पेचिस हो जाए तो उसे एक-एक चम्मच जामुन की गुठली का पाउडर दिन में दो-तीन बार देना चाहिए. वहीं रक्तप्रदर की समस्या में भी ये पाउडर आराम देता हैं. इसके लिए जामुन की गुठली के पाउडर में पच्चीस फीसदीप्र पीपल की छाल का चूर्ण मिलाकर, दिन में दो से तीन बार एक चम्मच की मात्रा में ठंडे पानी से लेना चाहिए.

जामुन की गुठली को पीसकर इससे मंजन करना चाहिए. कुछ ही दिनों में आपके मसूड़ों की समस्या खत्म हो जाएगी. अगर बच्चा बिस्तर गीला करता है तो जामुन की गुठली को पीसकर आधा-आधा चम्मच दिन में दो बार पानी के साथ पिलाने से लाभ मिलता है.

जामुन पाचनशक्ति बढ़ाता है. जामुन खाने से पेट सं‍बंधित बीमारियां खत्म हो जाती हैं. जामुन में कैंसर रोधी गुण भी पाए जाते हैं. कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी के बाद जामुन खाना चाहिए, इससे फायदा होता है. वहीं जामुन खाने से पथरी में फायदा होता है. जामुन की गुठली के चूर्ण को दही के साथ मिलाकर खाने से पथरी में फायदा होता है. लीवर के लिए जामुन का प्रयोग फायदेमंद होता है. कब्ज और पेट के रोगों में भी जामुन बहुत फायदेमंद है.

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First published: 20 August 2018, 13:44 IST
 
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