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भूलकर भी न खिलाएं 1साल से छोटे शिशु को शहद, वरना पड़ सकता है पछताना

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 November 2019, 16:11 IST

भारत में कुछ परिवारों के घरों में ये परंपरा है कि बच्चे के जन्म के बाद उसे शहद चटाया जाता है. कहा जाता है ऐसा करने से बच्चा स्वस्थ रहता है. ये एक तरह का घरेलू नुस्खा माना जाता है. लेकिन साइंस के मुताबिक एक साल से छोटे बच्चों को शहद खिलाना हानिकारक हो सकता है. दरअसल शहद में खतरनाक बैक्टीरिया पाया जाता है जो बच्चों की सेहत खराब कर सकता है.

हालांकि शहद एक बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि मानी जाती है. शहद पूरी तरह से एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है. शहद खाने से स्वास्थ्य लाभ होता है. आयुर्वेद में तो इसे बहुत गुणकारी माना जाता है. लेकिन एक साल के छोटे शिशु को इसे खिलाना बेहद खतरनाक हो सकता है. चलिए आपको बताते हैं इसके कारण...

 

शहद में एक तरह का खास बैक्टीरिया पाया जाता है. इसे क्लॉस्ट्रीडियम या सी. बॉट्यूलीनियन कहते हैं. ये एक ऐसा बैक्टीरिया है जो तेजी से बढ़ता है. और ये एक खास तरीसे से टॉक्सिक पदार्थ बनाता है. इसे बॉट्यूलीनियम कहा जाता है. कहा जाता है कि छोटे शिशुओं का इम्यून सिस्टम विकसित नहीं होता है. इसी के चलते इन न्हें शिशुओं का शरीर इस बैक्टीरिया के खिलाफ नहीं लड़ सकता हैं. ये बैक्टीरिया बच्चे के शरीर के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं.

इस बैक्टीरिया से प्रभावित होने के बाद सबसे पहला लक्षण कब्ज दिखाई देता है. इसमें शिशु टॉयलेट नहीं होता है. इसके साथ ही शिशु को infant botulism नाम की बीमारी हो सकती है. ये बीमारी सबसे खतरनाक हो सकती है कि बच्चे को सांस लेने में लकलीफ होती है. ऐसा करने से बच्चे का शरीर भी कमजोर हो जाता है. यहां तक की इस बीमारी से बच्चे की जान भी चली जाती है.

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First published: 27 November 2019, 16:11 IST
 
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