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1 साल से छोटे शिशु को भूलकर भी न खिलाएं शहद, इस बैक्टीरिया से पड़ सकते हैं लेने के देने

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 October 2019, 9:47 IST

कुछ भारतीय घरों में ये परंपरा है कि बच्चे के जन्म के बाद ही उसे शहद चटाया जाता है. इसको बच्चे के स्वस्थ्य रखने के लिए एक तरह का घरेलू नुस्खा मानते हैं. लेकिन साइंस के मुताबिक एक साल से छोटे बच्चों को शहद खिलाना खतरनाक हो सकता है. दरअसल शहर में एक खतरनाक बैक्टीरिया है, जो बच्चों की सेहत खराब कर सकता है.

शहद को एक बेहतरीन आयुरेवेदिक औषधि मानी जाती है. ये एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है. कहते हैं शहद खाने से स्वास्थ्य लाभ है, जिनके कारण आयुर्वेद में इसे बहुत गुणकारी माना जाता है. लेकिन ये एक साल से छोटे बच्चे को बेहद ही खतरनाक हो सकता है. चलिए बताते हैं इसके मुख्य कारण.

बताते चलें इसमें एक खास बैक्टीरिया होता है, जिसे क्लॉस्ट्रीडियम या सी. बॉट्यूलीनियम कहते हैं. ये एक ऐसा बैक्टिरिया है जो तेजी से बढ़ता है और एक खास तरह का टॉक्सिक पदार्थ बनाता है, जिसे बॉट्यूलीनियम कहा जाता है. कहते हैं कि छोटे शिशुओं का इम्यून सिस्टम विकसित नहीं होता है. इसलिए इन नन्हें शिशुओं का शरीर इस बैक्टीरिया के खिलाफ नहीं लड़ सकता है. ये बैक्टीरिया बच्चे के शरीर के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं.

इस बैक्टीरिया से प्रभावित होने के बाद सबसे पहला लक्षण कब्ज दिखाई देता. जिसके चलते शिशु को टॉयलेट नहीं होता है. इसके साथ शिशु को infant botulism नाम का बीमारी हो सकती है. ये बीमारी इतनी खतरनाक हो सकती है कि बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होती है. इससे बच्चे का शरीर भी कमजोर हो सकता है. अगर ये बीमारी गंभीर हो गई तो बच्चे की जान भी जा सकती है. 

First published: 7 October 2019, 17:12 IST
 
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