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हर बात पर गाली देने वालों के लिए ये खबर बड़े काम की है

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 February 2018, 13:56 IST

समाज में गाली देने को गलत माना जाता है. इसीलिए मां-बाप बचपन से ही बच्चों को गाली ना देने की हिदायत देते हैं. ऐसे में अगर आपसे कोई कहे कि गाली देना आपके लिए फायदेमंद है तो यकीनन आप उसे मूर्ख कहेंगे. लेकिन हकीकत ये हैं कि गाली देना वाकई आपको स्वस्थ रखने में मदद करता है.

आज हम आपको कुछ ऐसी ही बातें बताने जा रहे हैं जो गाली और स्वास्थ्य से संबंधित हैं. क्योंकि कई बार ना चाहते हुए भी हमारे मुंह से गाली निकल जाती हैं, बावजूद इसके हमें कोई शर्मिंदगी नहीं होती. ऐसा क्यों होता है. इसी बारे में आज हम बात कर रहे हैं.

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कुछ ऐसी गालियां हैं जिन्हें हम जाने अनजाने में और ना चाहते हुए भी बोल देते हैं. जैसे MC, BC, चू**या, फक ऑफ. ये गालियां ऐसी हैं जिन्हें देने के बाद ना तो आपके दोस्त नाराज होते हैं और ना ही आपको कोई फर्क पड़ता है.

यानि ये गालियां चलन में हैं. हम अक्सर देखते हैं कि इन गालियों को देखने के बाद हमें कुछ सुकून का अहसास होता है. यानि हम रिलेक्स फील करते हैं. ऐसा लगता है कि दिल पर रखा कोई बोझ हल्का हो गया.

बचपन में जब हम गलती से किसी को गाली दे देते थे. तो मम्मी पापा जमकर पिटाई कर देते थे. उन दिनों किसी को साला बोल देना भी गाली देने की निसानी होती थी लेकिन आज वक्त बदल गया है और हम MC, BC, चू**या, फक ऑफ जैसी गालियों का खुलेआम इस्तेमाल कर देते हैं. कई बार तो ख़ुशी का इजहार करने के लिए तक हम अपने दोस्तों को गाली दे देते हैं. कई बार गुस्से में भी गाली देते हैं लेकिन फिर भी वो शांत ही रहते हैं. ऐसे में उन्हें गुस्सा नहीं आता बल्कि वो और भी अधिक खुश हो जाते हैं. लेकिन अब साइंस ने भी प्रूव कर दिया है कि गालियां देने से आप कुछ हद तक अपने गुस्से को कम करते हैं.

कीन यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च में हुआ खुलासा

साल 2009 में कीन यूनिवर्सिटी में हुई एक स्टडी में ये बात निकलकर सामने आई कि गाली देने से दिल को सुकून मिलता है. साथ ही परेशानियों से लड़ने की क्षमता भी. कीन यूनिवर्सिटी ने कुछ छात्रों को लेकर गाली देने पर रिसर्च की. यूनिवर्सिटी ने इस दौरान कुछ स्टूडेंट्स के हाथों को अत्यधिक ठंडे पानी में डाला गया, तो जो छात्र इस प्रक्रिया के दौरान गाली दे रहे थे वो ज्यादा देर तक पानी में हाथ रखने में सफल रहे. वहीं जो छात्र गाली नहीं दे रहे थे या कम गाली दे रहे थे. उन्होंने थोड़ी सी देर में ही पाने से हाथ बाहर खींच लिए.

इस रिसर्च से पता चला कि चिल्लाने और गलत शब्दों का इस्तेमाल करने से एड्रेनालाईन नाम का एक हार्मोन दिमाग में रिलीज होता है. जो परेशानी और दर्द को झेलने की ताकत देता है.

First published: 17 February 2018, 13:56 IST
 
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