Home » हेल्थ केयर टिप्स » If you are thinking about getting pregnant know some of the basics about taking care of yourself
 

इन टिप्स को अपनाकर आपके मां बनने का सपना होगा जल्द पूरा

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 February 2018, 16:47 IST

शादी के बाद पहली बार मां बनने का अहसास बेहद सुखद होता है. हर महिला का सपना होता है कि वो मां बने. लेकिन कई बार कुछ महिलाओं को मां बनने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. जिससे उनका सपना अधूरा ही रह जाता है. प्रेग्नेंट ना होने की कई वजह हो सकती हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देंगे जिन्हें फोलो कर आपके घर में यकीनन जल्द ही नन्हे मेहमान की किलकारियां गूंजेंगी

ये भी पढ़ें- सिजेरियन डिलीवरी को लेकर आए चौंकाने वाले आंकड़े, 10 सालों में हुई इतनी बढ़ोतरी

कौन सा होता है प्रग्नेंट होना का सही समय

महिलाओं के अंडाशय या ओवरी में से हर महीने एक अंडा निकलता है. जिसे ओवुलेशन कहा जाता है. यह अंडा फैलोपियन ट्यूब तक जाता है. जहां यह पहले से मौजूद शुक्राणुओं के साथ मेल करता है. इस क्रिया को निषेचन या फर्टिलाइजेशन कहते हैं.

एक महिला को अपने ओवुलेशन को ट्रैक करना महत्वपूर्ण होता है. क्योंकि ये केवल पांच दिनों के लिए फर्टाइल होते हैं. इसकी वजह ये है कि शुक्राणु महिला के शरीर के अंदर अधिकतम पांच दिन तक जीवित रह सकते हैं, वहीं महिला का अंडा निषेचन के लिए केवल 12 से 24 घंटों के लिए मौजूद होता है.

ओव्यूलेशन ट्रैकिंग हर महिला का ओवुलेशन पीरियड उसके मासिक-धर्म के अनुसार हो सकता है. लेकिन नॉर्मली पीरिएड्स के 16वें और 12वें दिनों का समय ओवुलेशन पीरियड हो सकता है. 28 दिन के मासिक चक्र के 14 वें दिन में ओव्यूलेशन होता है इस समय सेक्स‍ करने से गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है.

जैसे अगर आपके मासिक-धर्म की शुरुआत 30 तारीख को होनी है तो 14 से 18 तारिख का समय ओवुलेशन का समय होगा.

प्रेग्नेंट होने के लिए सेक्स पोजिशन जरूरी

महिलाओं के प्रग्नेंट होने के लिए सेक्स पोजिशन भी बहुत अहमियत रखती है. यदि आप जल्दी ही होना चाहती हैं तो मिशनरी पोजीशन का प्रयोग कर सकती हैं. प्रेग्रनेंट होने के लिए इस पोजीशन को सबसे अच्छा माना जाता है. रियर एंट्री या डॉगी पोजीशन कहते हैं, जिस पोजीशन में लिंग गर्भाशय ग्रीवा तक आसानी से पहुंच जाता है. इस पोजिशन में भी स्पर्म फीमेल सर्विक्स के पास जल्द पहुंच जाते हैं. जिससे प्रग्नेंट होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. वहीं सेक्स के बाद थोड़ी देर लेटे रहने से महिलाओं की योनी से शुक्राणु के निकलने की संभावना नहीं रहती. इसलिए सेक्स के बाद 15-20 मिनट लेटे रहना ठीक होता है.

प्रेग्नेंट होने के लिए क्या ना करें महिलाएं

दवाओं का ना करें अधिक प्रयोग

वैसे दवाएं हमारे स्वास्थ्य को ठीक करने के लिए उपयोग की जाती हैं. लेकिन इनका ज्यादा प्रयोग करना किसी महिला की मां बनने की क्षमता को प्रभावित करता है. वहीं कुछ दवाइयों का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं करना चाहिए. जैसे एंटी इंफ्लेमेटरी यानि इबुप्रोफेन या एस्पिरिन.

न्यूरोलेप्टिक दवाइयां- एंटीसाइकोटिक दवाइयां हैं जो आपके पीरियड्स में गड़बड़ कर सकती है और बांझपन का कारण बन सकती है

स्पिरोनोलैक्टोन- इसका उपयोग द्रव प्रतिधारण को कम करने के लिए किया जाता है. दवा का प्रभाव प्रतिवर्ती है और आप दवा रोकने के कुछ महीने बाद गर्भवती होने में सक्षम हो जाती है.

यदि आपका साथी कोई दवाएं लेता है उससे भी प्रेग्नेंट होनी की संभावना कम हो जाती है. आपका साथी यदि इन दवाइयों का प्रयोग करता है. जैसे-

टेस्टोस्टेरोन- रिप्लेसमेंट टेस्टोस्टेरोन प्राकृतिक टेस्टोस्टेरोन की उत्पादन क्षमता को प्रभावित करता है, जो बाद में शुक्राण की संख्या में गिरावट लाता है.

एनाबॉलिक स्टेरॉयड- मांसपेशियों का निर्माण या शरीर की वसा करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है. लेकिन इसके उपयोग से भी प्रजननशीलता प्रभावित होती हैं. इसलिए यदि आपका साथी बॉडी बिल्डर है, तो उसे थोड़ी देर के लिए उसके बॉडी बिल्डिंग एफ्फोर्ट्स को रोकना चाहिए.

अगर आप जल्द प्रग्नेंट होना चाहती हैं तो शराब और धूम्रपान की आदत को जल्द से जल्द छोड़ दें. साथ ही खान पान का ध्यान रखना भी लाभदायक होता है.

First published: 6 February 2018, 16:47 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी