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सावधान! आयरन की आेवरडोज हो सकती है खतरनाक

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 November 2017, 13:15 IST

आयरन शरीर के लिए जरूरी मिनरल है. यह प्रोटीन, हीमोग्लोबिन और जरूरी एंजाइम बनाने में मदद करता है. इसका स्तर सामान्य से अधिक गिरने पर शरीर में खून की कमी हो सकती है जो एनीमिया होने के साथ कई समस्याओं का कारण बनती है.

कई बार लोग इसकी कमी पूरी करने के लिए शौकिया तौर पर आयरन टैबलेट की ओवरडोज ले लेते हैं. ऐसा करना घातक साबित हो सकता है. हाल ही दिल्ली में एक छात्रा की इसकी ओवरडोज से मौत का मामला भी सामने आया है.

जानें आयरन की गोली कब, कितनी व कैसे लें:

थकावट व सांस फूलना:
कमजोरी महसूस होना, थकान, सांस फूलना, व्यायाम करने की क्षमता घटना, नाखून व आंखों का पीला पड़ना आयरन की कमी के लक्षण हैं. नवजात, किशोर व गर्भवती महिलाओं में आयरन की अधिक कमी हो सकती है क्योंकि उनके बढ़ते शरीर को आयरन की काफी जरूरत होती है.

डाॅक्टर्स के मुताबिक पुरुषों को प्रतिदिन 8.7 व महिला को 14.8 मिली ग्राम आयरन की जरूरत होती है. एक गर्भवती महिला को रोजाना 30 व एनीमिक महिला को 120 मिग्रा आयरन लेना चाहिए.

दवाई लेने का तरीका:

इसे कभी खाली पेट न लें. खाना या नाश्ता करने के 20-30 मिनट बाद ही लें. वर्ना सीने में जलन की समस्या हो सकती है. इसकी एक टैबलेट से अधिक लेना ओवरडोज की श्रेणी में आता है. आयरन और कैल्शियम की गोली एक साथ न लें. ओवरडोज के कारण शरीर में होने वाली दिक्कतों की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि कितनी टैबलेट ली गई हैं. ऐसे में उल्टी, पेट में जलन और दस्त की शिकायत होती है.

नुकसान:

1. दवा लेने के 6 घंटे के अंदर कई बार उल्टी होना, पेट दर्द होना, दस्त होने के साथ ब्लड प्रेशर डाउन होने लगता है.

2. 12 से 24 घंटे में खूनी दस्त, लगातार ब्लड प्रेशन कम होना, मेटाबॉलिक एसिडोसिस (बॉडी में काफी मात्रा में एसिड का बनना) का बढऩा.

3. 24 घंटे बाद गुर्दे फेल होने के साथ बेहोशी रहती है. काफी अधिक डोज के मामले में मरीज की कोमा में जाने के बाद मौत भी हो सकती है.

4. सीने में जलन, उल्टी, दस्त के कारण शरीर में पानी की कमी लिवर डैमेज का कारण बन सकती है.

5. पेट दर्द से लिवर प्रभावित होने के कारण किडनी फेल होने के मामले भी सामने आते हैं.

रिसर्च में हुआ खुलासा
लंदन इंपीरियल कॉलेज में नेशनल हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट के हालिया शोध के मुताबिक आयरन का ओवरडोज धमनियों को तेजी से नुकसान पहुंचाने के साथ डीएनए के कार्यों को प्रभावित करता है. क्योंकि कोशिकाएं आयरन के प्रति संवेदनशील होती हैं.

विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर में आयरन की कमी को प्राकृतिक स्रोतों से पूरा करना दवा के मुकाबले बेहतर है. इसके लिए ज्यादातर हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, मछली, अंडे, सूखे मेवे, सोयाबीन, राजमा, किशमिश, मूंगफली को डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए. यह जरूर ध्यान रखें कि आहार में विटामिन-सी युक्त चीजें भी शामिल करें. ये शरीर में आयरन को अवशोषित करने में मदद करती हैं.

First published: 21 November 2017, 13:15 IST
 
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