Home » हेल्थ केयर टिप्स » know about kidney failure causes and how to keep kidney healthy
 

क्यों हो जाती है किडनी फेल, जानिए कैसे रखें अपनी किडनी का ख्याल?

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 November 2016, 15:10 IST

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में किडनी फेल हो जाने के चलते भर्ती हैं. एम्स में उनकी डायलिसिस चल रही है. इस बात की जानकारी उन्होंने खुद ट्वीट करके दी है. आज के दौर में यह समस्या हमें कर्इ कारणों से परेशान करती है. लेकिन आयुर्वेद में इसके कर्इ इलाज भी बताए गए हैं. जानें इनके बारे में...  

किडनी फेल्योर क्या है ? 

हमारी दोनों किडनियां एक मिनट में 125 मिलिलीटर रक्त का शोधन करती हैं. ये शरीर से दूषित पदार्थो को भी बाहर निकालती हैं. इस अंग की क्रिया बाधित होने पर विषैले पदार्थ बाहर नहीं आ पाते और स्थिति जानलेवा होने लगती है, जिसे गुर्दो का फेल होना (किडनी फेल्योर) कहते हैं. 

इस समस्या के दो कारण हैं- एक्यूट किडनी फेल्योर व क्रॉनिक किडनी फेल्योर. 

1. क्रॉनिक किडनी फेल्योर: 

शुरुआत में इस रोग के लक्षण स्पष्ट नहीं होते, लेकिन धीरे-धीरे थकान, सुस्ती और सिरदर्द आदि होने लगते हैं. कई मरीजों में पैर व मांसपेशियों में खिंचाव, हाथ-पैरों में सुन्नता और दर्द होता है. उल्टी, जी-मिचलाना व मुंह का स्वाद खराब होना इसके प्रमुख लक्षण हैं. 

कारण : ग्लोमेरूनेफ्रायटिस, इस रोग में किडनी की छनन-यूनिट (नेफ्रॉन्स) में सूजन आ जाती है और ये नष्ट हो जाती है. डायबिटीज और उच्च रक्तचाप से भी किडनी प्रभावित होती है. 

2. एक्यूट किडनी फेल्योर:

पेशाब कम आना, शरीर विशेषकर चेहरे पर सूजन, त्वचा में खुजली, वजन बढ़ना, उल्टी और सांस से दुर्गंध आने जैसे लक्षण हो सकते हैं. 

कारण:  किडनी में संक्रमण, चोट, गर्भवती में टॉक्सीमिया (रक्त में दूषित पदार्थों का बढ़ना) और शरीर में पानी की कमी. 

आयुर्वेद में इलाज: 

1. तनाव न लें, नियमित अनुलोम-विलोम व प्राणायाम का अभ्यास करें.

2. ब्लड प्रेशर बढ़ने पर नमक, इमली, अमचूर, लस्सी, चाय, कॉफी, तली-भुनी चीजें, गरिष्ठ आहार, अत्यधिक परिश्रम, अधिक मात्रा में कसैले खाद्य-पदार्थ खाने, धूप में रहने और चिंता से बचें.

3. काला नमक खाएं, इससे रक्त संचार में अवरोध दूर होता है

4. किडनी खराब हो तो ऎसे खाद्य-पदार्थ न खाएं, जिनमें नमक व फॉस्फोरस की मात्रा कम हो. पोटेशियम की मात्रा भी नियंत्रित होनी चाहिए.

कैसी हो अापकी डाइट: 

1. इस दौरान केला खाना फायदेमंद होता है, इसमें कम मात्रा में प्रोटीन होता है. 

2. तरल चीजें सीमित मात्रा में ही लें. उबली हुई सब्जियां खाएं और मिर्च-मसालों से परहेज करें. 

3. गाजर, तुरई, टिंडे, ककड़ी, अंगूर, तरबूज, अनानास, नारियल पानी, गन्ने का रस और सेब खाएं, लेकिन डायबिटीज है तो गन्ने का रस न पिएं.  इन चीजों से पेशाब खुलकर आता है. 

4. रोगी प्रोटीन युक्त पदार्थ जैसे मांस, सूखे हुए मटर, हरे मटर, फ्रेंच बीन, बैंगन, मसूर, उड़द, चना, बेसन, अरबी, कुलथी की दाल, राजमा, कांजी व शराब आदि से परहेज करें. 

5. नमक, सेंधा नमक, टमाटर, काली मिर्च और नींबू का प्रयोग कम से कम करें.

First published: 16 November 2016, 15:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी