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तिब्बत के इन पहाड़ों में छिपे हैं सैकड़ों पौराणिक रहस्य, जिनका नहीं चला आजतक पता

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 December 2019, 17:10 IST

Mystery of Mount Kailash : दुनिया के सबसे ऊचें पर्वत हिमालय (Himalaya) की पर तमाम ऐसी चोटियां मौजूद जो अपने आप में रहस्यमयी है. इन्हीं में से एक है कैलाश पर्वत जो आज भी पश्चिमी देशों के लिए रहस्य बना हुआ है. कैलाश पर्वत 6600 मीटर ऊंचा है. प्राचीन काल से ही माउंट कैलाश काफी विख्यात रहा है. कैलाश पर्वत (Kailash Mountain) पर कई ऐसे रहस्य हैं जिनके विषय में आज भी लोग कम ही जानते हैं.

इन रहस्यों को जानने के लिए श्रद्धालु आज भी उत्सुक रहते हैं. कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है. जो सिंधु, ब्रह्मपुत्र, गंगा की सहायक नदियों के पास है. ऐसा माना जाता है की कैलाश पर्वत हिमालय का केंद्र है. वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह धरती का केंद्र है. बता दें कि कैलाश पर्वत दुनिया के 4 धर्मों- हिन्दू, जैन, बौद्ध और सिख धर्म का भी प्रमुख केंद्र रहा है.

कैलाश पर्वत एक विशालकाय पिरामिड है, जो 100 छोटे पिरामिडों का केंद्र है. कैलाश पर्वत की संरचना कम्पास के 4 बिंदुओं के समान है और एकांत स्थान पर स्थित है, जहां कोई भी बड़ा पर्वत नहीं है. ऐसा कहा जाता है की कैलाश पर्वत पर चढ़ना मना है, लेकिन 11वीं सदी में एक तिब्बती बौद्ध मिलारेपा ने इस पर चढ़ाई की थी. रूस के वैज्ञानिकों की रिपोर्ट 'यूएनस्पेशियल' मैग्जीन के 2004 के जनवरी अंक में प्रकाशित हुई थी. हालांकि मिलारेपा ने इस बारे में कभी कुछ नहीं कहा इसलिए यह भी एक रहस्य है.

बता दें कि कैलाश पर्वत की चार दिशाओं से चार नदियां निकलती हैं. ब्रह्मपुत्र, सतलज, सिंधु और करनाली. इन नदियों से ही गंगा, सरस्वती सहित चीन की अन्य नदियां भी निकलती हैं. कैलाश की चारों दिशाओं में विभिन्न जानवरों के मुंह हैं जिसमें से नदियों का उद्गम होता है. पूर्व में अश्वमुख है, पश्चिम में हाथी का, उत्तर में सिंह का, दक्षिण में मोर का मुंह है.

हिमालय के मूल निवासियों का कहना है कि हिमालय पर यति मानव रहता है. कोई इसे भूरा भालू कहता है तो कोई इसे जंगली मानव. कुछ लोग इसे हिम मानव भी कहते हैं. यह धारणा प्रचलित है कि यह लोगों को मारकर खा जाता है. कुछ वैज्ञानिक इसे निंडरथल मानव मानते हैं. पूरी दुनिया में करीब 30 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि हिमालय के बर्फीले इलाकों में हिम मानव मौजूद हैं.

अगर कोई कैलाश पर्वत की ओर जाता है तो लगातार एक आवाज सुनाई देती है. ध्यान से सुनने पर यह आवाज 'डमरू' या 'ॐ' की आवाज जैसी लगती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि हों तो ये आवाज बर्फ के पिघलने की हो सकती है. यह भी हो सकता है कि प्रकाश और ध्वनि के बीच इस तरह का समागम होता है कि यहां से 'ॐ' की आवाजें लगातार सुनाई देती हैं.

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First published: 27 December 2019, 17:10 IST
 
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