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भारत में तेजी से फैल रहा जानलेवा Nipah वायरस, फलों को खाकर मर रहे लोग

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 May 2018, 16:14 IST

देश में स्वाइन फ्लू जैसा एक जानलेवा वायरस तेजी से फैल रहा है. यह चमगादड़ द्वारा किसी फल को जूठा कर देने के बाद हमारे खा लेने से फैलता है. यह केरल के कोझीकोड से शुरू हुआ है. इस अज्ञात इन्फेक्शन को निपाह नाम दिया गया है. इससे केरल में 10 लोगोंं की मौत हो गई है.

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे ने निपाह वायरस की पुष्टि की है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने निपाह को एक उभरती बीमारी करार दिया है और कहा है कि यह एक महामारी की तरह फैल सकता है.

निपाह वायरस (NiV) पहली बार 1998 में मलेशिया और सिंगापुर में पहचाना गया, जब यह सुअरों और मनुष्यों में बीमारी का कारण बना. मलेशिया में इससे 100 लोगों की मौत हो गई थी. इसका असर पहले सुअरों में देखा गया था.

डब्लूएचओ के मुताबिक, निपाह वायरस चमगादड़ों में होता है और वो फलों में ये वायरस फैलाते हैं. जिसे खाकर इंसानों और जानवरों में ये वायरस फैलता है. इसके अलावा इस वायरस से बीमार हुए व्यक्ति के संपर्क में आने पर भी निपाह वायरस का खतरा होता है.

अगर कोई व्यक्ति निपाह वायरस से प्रभावित हो जाता है तो उसका असर 5 से 14 दिन बाद दिखाना शुरू करता है. इंफोक्लिनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति निपाह वायरस से मरता तो उसके शरीर को गले न लगाएं न ही चूमें और पार्थिव शरीर को ले जाते वक्त अपने मुंह को कपड़े से जरूर ढंक लें. फिलहाल इसकी कोई वैक्सीन नहीं आई है. वायरस से प्रभावित मरीज का इलाज आईसीयू में होता है.

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डॉक्टर्स का कहना है कि, फ्रूट बैट्स की वजह से यह बीमारी मुख्य रूप से फैलती है. डॉक्टर्स का यह भी कहना है कि, जब इंसान या कोई जानवर चमगादड़ों द्वारा झूठे किए फल या सब्जियों को खाते हैं तो उनमें भी यह वायरस फैल जाता है. इसलिए सुरक्षा के लिहाज से बेहद जरूरी है कि जमीन पर गिरे फल न खाए जाएं.या खराब फल ना खाएं

First published: 21 May 2018, 16:15 IST
 
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