Home » हेल्थ केयर टिप्स » Satyendra Jain said Amul, Mother Dairy samples found sub-standard
 

मदर डेयरी-अमूल जैसे ब्रांडेड दूध में भी मिलावट, जांच में हुआ खुलासा

न्यूज एजेंसी | Updated on: 5 May 2018, 8:50 IST

दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शुक्रवार को कहा कि अमूल और मदर डेयरी का दूध अपेक्षित मानकों पर खरा नहीं उतरा है. मंत्री ने बताया कि दोनों ब्रांड समेत दूध के 21 नमूने जांच के दौरान मानकों के अनुसार नहीं पाए गए. हालांकि जैन ने यह भी कहा कि ये नमूने असुरक्षित नहीं थे, मगर इनमें वसा व अन्य घटकों की मात्रा निर्धारित स्तर पर नहीं पाई गई.

ये भी पढ़ें-अगर आपका घर है सड़क के किनारे तो आपके बच्चों को हो सकती है ये खतरनाक बीमारी

बातचीत में उन्होंने कहा, "मानकों पर खरा नहीं उतरने से मतलब यह है कि वसा की मात्रा पांच फीसदी होनी चाहिए, लेकिन वह तीन फीसदी ही पाई गई. सरल शब्दों में कहें तो पानी मिला हुआ था. दूध के विफल पाए गए 21 नमूनों में से ज्यादातर में मिलावट पाई गई." उन्होंने कहा कि जांच का यह अभियान जारी रहेगा और पनीर व खोया जैसे दुग्ध उत्पादों की भी जांच की जाएगी.

 

पूरे शहर से 13 और 28 अप्रैल के दौरान जमा किए गए 177 नमूनों की जांच की गई, जिनमें 165 के नतीजे आए हैं. इनमें 21 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे. उन्होंने यह भी बताया कि सभी मामलों को अदालत में अग्रसारित किया जाएगा. इसके लिए 5,000 से पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा.

ये भी पढ़ें-दिल के तेज़ धड़कने का एक बड़ा कारण है, धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन

जैन ने बताया कि घी के भी तीन नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें एक गैर-ब्रांड वाला उत्पादन असुरक्षित पाया गया. उन्होंने कहा, "मसला दिल्ली विधानसभा में उठाया गया, जिसके बाद मैंने दिल्ली में दूध के नमूने इकट्ठा करने के आदेश दिए." उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने 18 खाद्य निरीक्षकों को नियुक्त किया है, जिसके बाद नमूनों की जांच में प्रगति आई है.उन्होंने कहा, "अगर कोई उत्पाद असुरक्षित पाया जाता है तो उसके लिए छह महीने से तीन साल तक कारावास का प्रावधान है."

First published: 5 May 2018, 8:50 IST
 
अगली कहानी