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रिसर्च में खुलासा: मोटापा बढ़ने की इन वजहों से भारतीयों की कमर हो रही है चौड़ी

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 January 2018, 17:12 IST

भारत में लगातार बदलती जीवन शैली के कारण आज मोटापा एक बड़ी समस्या का रूप धारण करता जा रहा है. आंकड़ों की माने तो आज भारत दुनिया का तीसरे सबसे मोटे लोगों का देश है. अनुमान के अनुसार आज  भारत मे तकरीबन 61 मिलियन लोग मोटापे से ग्रसित हैं. 

न्यूज़ वेबसाइट इंडिया स्पेंड में छपी  एक रिपोर्ट के अनुसार, "कारलाइन रेमेडिओस, वरिष्ठ पोषण, मोटापा और पाचन सर्जरी, मुबंई एवं गस्त 2015 में प्रकाशित एक अध्ययन, ओबेसिटी सर्जरी के सह-लेखक , कहते हैं कि वसा और शर्करा युक्त, कम पोषक तत्व से अत्यधिक कैलोरी लेने से मोटे लोगों में महत्वपूर्ण सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी हो सकती है."

रिपोर्ट के अनुसार ,"30 से अधिक किग्रा / एम 2 बॉडी मास इंडेक्स ( बीएमआई) के साथ 2,740 लोगों के समूह पर किए गए अध्ययन में से 43 फीसदी लोगों में आयरन की कमी पाई गई है, 56.7 फीसदी में विटामिन बी 12 की कमी, 11 फीसदी में कैल्शियम की कमी, 35 फीसदी में विटामिन डी 3 की कमी एवं 10 फीसदी में प्रोटीन की कमी पाई गई है."

शहरी लोगों मोटापे की समस्या ज्यादा    

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण III के अनुसार ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी क्षेत्र में मोटापा ग्रस्त लोगों की संख्या तीन गुना अधिक है. मोटापा ग्रस्त लोगों की संख्या उतनी ही तेज़ी से बढ़ रही है जितनी कि कुपोषित भारतीयों की संख्या समाहित की जा रही है.

आंकड़े बताते हैं कि 1990 में भारत की आबादी में से 23.7 फीसदी कुपोषित थी जबकि 15.8 फीसदी जनता अधिक-पोषित थी. वर्तमान में, देश की कुल आबादी में से 15.2 फीसदी कुपोषित है जबकि 22 फीसदी अधिक-पोषित हैं.

आहार की गड़बड़ी से कमर हो रही चौड़ी 

एक 28 वर्षीय आदमी, कद करीब 5 फीट 4 इंच और वज़न 100 किलो. इनके आहास में बुरे कार्बोहाइड्रेट, बुरे वसा के साथ कम प्रोटीन शामिल है. गंभीर रुप से मोटापे से ग्रस्त इस शख्स को लगातार शरीर, जांघों और घुटनों में दर्द की शिकायत है. इनका विटामिन बी 12 का स्तर भी कम है.

परामर्श डॉक्टर अनिल अरोड़ा, इकाई के प्रमुख और नेतृत्व सलाहकार , आर्थोपेडिक्स विभाग, मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, पटपड़गंज , दिल्ली, कहते हैं कि जांच से पता चलता है कि मरीज़ में विटामिन डी की कमी एवं उच्च यूरिक एसिड पाया गया था. आम तौर पर मोटापे से ग्रस्त लोगों में यह कमी पाई जाती है. एक 13 वर्षीय बच्ची, कद- 5 फीट, 4 इंच, और वज़न 114 किलो. वज़न कम करने के लिए इसने आहार विशेषज्ञ से संपर्क किया है.

शेरीन वर्गीज , प्रबंधक, डायटेटिक्स आयुर्विज्ञान संस्थान मालाबार , कोझीकोड, कहती हैं “आहार आकलन से पता चला कि उनके आहार में सब्ज़ियां शामिल ही नहीं हैं. खाने में सिर्फ उच्च वसा और उच्च कार्बोहाइड्रेट के साथ अधिक मात्रा में मीट एवं चिकन शामिल है. कुल मिलाकर उनके कैल्शियम , आयरन और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों का सेवन बेहद कम था.”

(स्टोरी इनपुट : इंडिया स्पेंड)

First published: 26 January 2018, 16:53 IST
 
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