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13 साल पहले ही हो गई थी कोरोना वायरस के जन्म की भविष्यवाणी, नजरअंदाज करने का खामियाजा उठा रही पूरी दुनिया

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 April 2020, 12:10 IST

कोरोना वायरस ने अपनी चपेट में अब तक पूरी दुनिया को ले लिया है. चीन के वुहान से शुरू हुआ ये वायरस से अब तक दुनिया भर के लाखों लोग इससे संक्रमित हैं. कोरोना वायरस को लेकर हांगकांग को लेकर चार वैज्ञानिकों ने 13 साल पहले ही चेतावनी दे डाली थी. जी हां लेकिन उस वक्त उन वैज्ञानिकों की किसी ने भी नहीं सुनी थी. जिसके चलते अब तमाम देशों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा था.

दरअसल 13 साल पहले चार वैज्ञानिकों ने मिलकर एक रिसर्च रिव्यू पेश किया था. जिसमें साफ कहा गया था कि बहुत जल्द चीन के वन्यजीव बाजार से सार्स जैसा एक वायरस जन्म ले सकता है. लेकिन इस रिसर्च में इतने बड़े खतरे की चेतावनी देने के बावजूद उनकी इन बातों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया.


अब हाल ही में पंजाब विश्वविद्यालय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च जैसे प्रख्यात संस्थानों के वैज्ञानिकों ने हवाला दिया है. उन्होंने कहा कि अगर इसपर पहले ध्यान दे दिया जाता तो आज पूरी दुनिया जिन हालातों से गुजर रही है वैसा नहीं होता.

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बताते चलें कि 12 अक्टूबर 2007 को हांगकांग यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक विसेंट सीसी चेंग, सुसन्ना कैपी लाउ, पैट्रिक सीवाई वू और क्वॉक युंग यूएन ने मिलकर एक रिसर्च रिव्यू तैयार किया था. जिसमें दुनिया भर में वायरस पर हुई रिसर्च का रिव्यू किया गया था. जिसे अमेरिकल सोसाइटी फॉर माइक्रो बायोलॉजी में प्रकाशित भी किया गया था.

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रिपोर्ट के मुताबिक वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि वर्ष 2002 में सार्स जैसे वायरस ने जन्म लिया है और आगे चमगादड़ आदि से कोरोना वायरस फैल सकता है. उसमें लिखा था कि इस वायरस का वर्तमान में नाम कोविड-19 है. उन्होंने ये भी दावा किया था कि इस वायरस को जानवों ने अपने बचाव के लिए इस वायरस को विकसित किया है.

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First published: 2 April 2020, 12:10 IST
 
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