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अगर हो जाए ये बीमारी तो ना करें जरा सी भी देर, वरना जा सकती है आपकी जान!

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 May 2019, 11:11 IST

अक्सर लोग अपनी बीमारियों को अनदेखा कर देते हैं. खासकर अगर उन्हें हल्का बुखार हो जाए, तो वे एक-दो दिन तक बिना डॉक्टर की सलाह लिए शॉप से दवाई लेकर आते हैं. अगर आप भी इन्हीं में से एक हैं, तो सावधान हो जाएं. क्योंकि आपकी छोटी सी गलती आपकी जान ले सकती है.

नॉर्मल बुखार से सेहत पर इतना गहरा असर नहीं पड़ता, लेकिन अगर आपको दिमागी बुखार हो जाए, तो इससे आपकी जान भी जा सकती है. दिमागी बुखार एक संक्रणक रोग है. इस बुखार की चपेट में अक्सर बच्चे ही ज्यादा आते हैं. दिमागी बुखार बैक्टीरिया, वायरस और फंगी के जरिए फैलता है.

अगर इसके इलाज में आपने थोड़ी सी भी देरी की, तो इससे मरीज की मौत भी हो सकती है.  जिन भी व्यक्ति को एक बार दिमागी बुखार हो जाए, उसे इसका असर पूरी जिंदगी झेलनी पड़ती है. चलिए जानते हैं दिमागी बुखार के लक्षण-

दिमागी बुखार के लक्षण

मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होना
सिर दर्द होना
गर्दन, पीठ और कंधों में अकड़न होना
शरीर के सभी बाहरी हिस्सों में कमजोरी महसूस

कैसे होती है पहचान

दिमागी बुखार की पहचान डॉक्टर्स ब्लड टेस्ट, एक्स-रे व सीटी स्कैन के जरिए करते हैं.

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बच्चों में कैसे करें पहचान

अचानक तेज बुखार आना
शिशु का बार-बार रोना
खाना-पीना छोड़ देना या दूध ना पीना
शिशु के सिर के हिस्से में उभार आना
बहुत अधिक नींद आना या चिड़चिड़ापन होना
सुस्ती और थकान
शिशु के शरीर और गर्दन का अकड़ जाना

कैसे बचें?

अगर आप दिमागी बुखार से बचना चाहते हैं, तो भीड़-भाड़ वाले इलकों में कम जाएं. इसके साथ ही ये एक संक्रामक रोग है, जब भी किसी व्यक्ति को दिमागी बुखार हो उसके संपर्क से बचें. साफ-सुथरे जगहों पर रहें. दिमागी बुखार के मरीज को खाना देने के बाद अपने हाथ को अच्छी तरह से हाथ धोएं. रोजाना व्यायाम करें.

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First published: 11 May 2019, 11:11 IST
 
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