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6 महीने से छोटे बच्चे के लिए जहर है पानी, हो सकती है खतरनाक बीमारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 December 2019, 13:52 IST

छोटे बच्चों को कब पानी पिलाना शुरू करें ये सवाल पहली बार मां बनीं लगभग सभी महिलाओं को परेशान करता है. डॉक्टर्स कहते हैं कि नवजात बच्चे के लिए सिर्फ मां का दूध ही फायदेमंद है. डॉक्टर्स का मानना है की 6 महीने तक बच्चे को सिर्फ ब्रेस्टफीड ही कराना चाहिए. बच्चों को पानी पिलाना सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है. 

ब्रेस्टमिल्क में लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है, इसी वजह से छोटे बच्चों को उनके शुरुआती दिनों में पानी नहीं दिया जाता है. रिसर्च के अनुसार, मां का दूध बच्चों में पानी की कमी को पूरी करने के साथ-साथ सभी जरूरी न्यूट्रिएंट्स भी देता है. लगभग 6 महीनों तक बच्चे मां के दूध पर ही निर्भर रह सकते हैं.

 
डॉक्टर्स के मुताबिक, ब्रेस्ट मिल्क छोटे बच्चों के ग्रोथ के लिए संपूर्ण आहार है. मां के दूध को इस तरह समझा जा सकता है. सबसे पहले आता है हिंडमिल्क जिसमें फैट मौजूद होता है और फिर आता है फोरमिल्क यह पानी होता है जिससे बच्चे की प्यास बुझती है.
 
यह पानी और फैट दोनों बच्चों तक पहुंचाने के लिए जरूरी है कि उन्हें हरेक साइड से पूरा दूध पिलाया जाए. एक साइड से पूरा दूध पिलाने के बाद ही दूसरी तरफ उन्हें दूध पिलाया जाए. ऐसा ना करने पर उन्हें संपूर्ण पोषक तत्त्व नहीं मिल पाते.
 
एक महीने से छोटे बच्चों को पानी देने से उनकी सेहत को कई तरह के नुकसान हो सकते हैं. बच्चों को पानी पिलाने से उनका वजन कम हो सकता है और उन्हें पीलिया होने का खतरा बढ़ सकता है. नवजात बच्चों को पानी पिलाने से उन्हें ओरल वाटर इन्टॉक्सीकेशन हो सकता है.
 
बच्चों को कम से कम 4 महीने तक पानी बिलकुल नहीं पिलाना चाहिए. जब बच्चा 4 महीने का हो जाए हो आप उसे दिन में एक या दो बार दो से तीन चम्मच पानी पिला सकते हैं. जब भी बच्चा सॉलिड फूड खाने लगे तब आप उसे पानी पिला सकते हैं. ताकि उसे कब्ज की परेशानी ना हो. 6 महीने के बाद बच्चों को मां का दूध और पानी दोनों पिला सकते हैं.
 
 
First published: 29 December 2019, 13:48 IST
 
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