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इस वजह से गर्भवती महिलाओं को समय से पहले होता है लेबर पेन

न्यूज एजेंसी | Updated on: 2 May 2018, 12:07 IST

गर्भवती महिलाओं में समय से पहले होने वाली प्रसव-पीड़ा का कारण गर्भ में पल रहे शिशु की प्रतिरोधी क्षमता में विकास बड़ी वजह हो सकती है. यह खुलासा हालिया हुए एक शोध में निकल कर सामने आयी. कई ऐसे मामले देखने को मिलते हैं जब गर्भ की परिपक्वता के 37वें सप्ताह के पूर्व गर्भवती महिलाओं की तकलीफ बढ़ जाती है, जिस कारण समय से पहले प्रसव हो जाता है.

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शोध के नतीजों में पाया गया कि कभी-कभी ऐसा हो सकता है कि भ्रूण की प्रतिरोधी क्षमता जाग जाने से बच्चा मां के गर्भ के परिवेश को स्वीकार करना बंद कर देता है, जिसके कारण गर्भाशय में संकुचन पैदा होता है. शोधकर्ताओं के मुताबिक, भ्रूण की प्रतिरोधी क्षमता के कारण गर्भवती महिलाओं में समय से पहले प्रसव-पीड़ा होने लगती है. उनका कहना है कि भ्रूण की प्रतिरक्षी कोशिकाएं माता की कोशिकाओं को लेकर उलझन में रहती हैं और माता की कोशिकाओं से खतरा महसूस करती हैं, जोकि दाह पैदा करने वाली रसायन के रूप में प्रकट उत्पन्न होता है.

 

सैन फ्रैंसिस्को स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर तिप्पी मैकेंजी ने कहा, "एक धारणा है कि भ्रूण की प्रतिरक्षी क्षमता बहुत कमजोर होती है और इसके परिणामस्वरूप लोग गर्भावस्था में इसकी संभावित भूमिका को नहीं समझ पाते हैं." उन्होंने कहा, "हमने दिखाया कि समय से पूर्व प्रसव-पीड़ा का अनुभव करने वाली महिला मरीजों में संक्रमण व सूजन की शिकायत होती है, जिसका कारण यह है कि भ्रूण की प्रतिरक्षी क्षमता जाग्रत हो जाती है."

First published: 2 May 2018, 12:07 IST
 
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