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कमाई का 10 फीसदी हिस्सा इलाज पर खर्च करते हैं 23 करोड़ भारतीय: WHO

न्यूज एजेंसी | Updated on: 30 May 2018, 14:04 IST

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि आधे भारतीयों की आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच नहीं है. वहीं स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने वाले लोग अपनी आय का 10 फीसदी से ज्यादा इलाज पर खर्च कर रहे हैं.

डब्ल्यूएचओ की वेबसाइट पर छपी विश्व स्वास्थ्य सांख्यिकी 2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आबादी का 17.3 फीसदी यानी लगभग 23 करोड़ लोगों को साल 2007-2015 के दौरान इलाज पर अपनी आय का 10 फीसदी से अधिक खर्च करना पड़ा. इसके साथ हीं भारत में इलाज पर अपनी जेब से खर्च करने वाले पीड़ित लोगों की संख्या ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी की कुल आबादी से भी अधिक है.

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डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस एडहानोम गेबेरियस ने एक विज्ञप्ति में कहा, "बहुत से लोग अभी भी ऐसी बीमारियों से मर रहे हैं, जिसका इलाज आसान है और बड़ी आसानी से रोका जा सकता है. बहुत से लोग केवल इलाज पर अपनी कमाई को खर्च करने के कारण गरीबी में धकेल दिए जाते हैं और बहुत से लोग स्वास्थ्य सेवाओं को ही पाने में असमर्थ हैं. यह अस्वीकार्य है."

 

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट ने आगे बताया गया की देश की आबादी का 3.9 फीसदी यानी 5.1 करोड़ भारतीय अपने घरेलू बजटा का एक चौथाई से ज्यादा खर्च इलाज पर ही कर देते हैं. जबकि श्रीलंका में ऐसी आबादी महज 0.1 फीसदी है, ब्रिटेन में 0.5 फीसदी, अमेरिका में 0.8 फीसदी और चीन में 4.8 फीसदी है.

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इलाज पर अपनी आय का 10 फीसदी से ज्यादा खर्च करने वाली आबादी का वैश्विक औसत 11.7 फीसदी है. इनमें 2.6 फीसदी लोग अपनी आय 25 फीसदी से ज्यादा हिस्सा इलाज पर खर्च करते हैं और दुनिया के करीब 1.4 फीसदी लोग इलाज पर खर्च करने के कारण ही अत्यंत गरीबी का शिकार हो जाते हैं.

First published: 30 May 2018, 14:04 IST
 
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