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World Heart Day: हार्ट अटैक आने पर भी बचा सकते हैं जान, तुरंत करें ये उपाय

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 September 2018, 10:46 IST

World Heart Day: दिल से जुड़ी बीमारियों को लेकर सजग रहना बहुत जरूरी है. आज के समय में दिल से जुड़ी बीमारियों की सबसे बड़ी वजह है हमारी बदलती जीवन शैली और खान-पान. हार्ट अटैक जैसी घातक बीमारीहमारी लाइफ स्टाइल की ही देन है. हार्ट अटैक का नाम सुनते ही किसी ऐसी खतरनाक बीमारी का ध्यान आता है जिसमे बचना नामुमकिन है.

लेकिन ये पूरी तरह से सही नहीं है. हार्ट अटैक आने पर यदि कुछ फर्स्ट ऐड के टिप्स अपनाए जाएं तो किसी की जान बचाई जा सकती है. अधिकतर हार्ट अटैक के कारण जान जाने का एक मुख्य कारण होता है सही समय के भीतर इलाज न मिल पाना. जिसके लिए जरुरी है कि हमे हार्ट अटैक के लक्षणों के बारे में पता हो. जिससे कि हम अपने आस पास किसी की जान बचा सकें. ऐसे मौके पर कुछ ऐसी टिप्स हैं जो कि किसी हार्ट अटैक के मरीज की जान बचाने में सहायक हो सकती हैं.

हार्ट अटैक आने पर आप क्या करें

सबसे पहले तो ऐसी स्थिति में तुरंत किसी मेडिकल हेल्प को कॉल करें. दिल से जुड़े मामलों में किसी चिकित्सक का होना सबसे ज्यादा जरुरी है. क्योंकि आम तौर पर कुछ टिप्स केवल फर्स्ट ऐड के लिए हैं. चिकित्सक ही बता सकता है कि मरीज की वास्तविक स्थिति क्या है. क्योंकि हार्ट अटैक के मामले में आप अपनी तरफ से पूरी कोशिश करें लेकिन यह रोग बिना मेडिकल हेल्प के ठीक नहीं होगा और मरीज को समय रहते इलाज मिल पाएगा.

 

तुरंत क्या करें

जब तक हार्ट अटैक के पीड़ित के पास कोई मेडिकल हेल्प नहीं आ सकती तब तक आपको ही उसे फर्स्ट ऐड देनी होनी ताकि उसे किसी गंभीर स्थिति में जाने से बचाया जा सके. इसके लिए उसे सीधा लेटा दें और उसके कपड़ों को ढीला कर दें. अगर आसपास के लोग उसे घेर कर खड़े हों तो सबको हटा दें मरीज को खुली हवा लेने दें.

सबसे पहले पल्स देखिए. इसके लिए बेहतर है कि कलाई की पल्स के बजाय गर्दन की साइड की पल्स चेक करें. अगर ब्लड प्रेशर कम है तो कलाई की पल्स पता ही नहीं चल पाती.

ऑक्सीजन का ख्याल रखें. मरीज को सांस आ रही है या नहीं इस बात का पूरा ख्याल रखिये. अगर सांस नहीं आ रही तो उसे ऑक्सीजन देने की कोशिश करें. अगर मरीज को उलटी फील हो तो उसे ऐसा करने दें. ताकी ताक लंग्स में कुछ इकठ्ठा न हो. उलटी से सब बाहर निकल जाए.

 

हार्ट तक ब्लड सप्लाई पहुंचाने के लिए मरीज के दोनों पैरों को ऊपर उठा दें जिससे कि हार्ट तक ब्लड की सप्लाई में जा सके.ऐसे मौके पर क्या करना जितना जरुरी हैं उतना ही जरुरी है इस बात का ख्याल रखना कि ऐसे नाजुक मौके पर क्या क्या नहीं करना चाहिए. ऐसे वक़्त में मरीज को बिना धड़कन की स्थिति जाने पम्पिंग नहीं की जानी चाहिए. सबसे ज्यादा जरुरी है कि जब तक कोई मेडिकाल हेल्प न आ जाए तो उसे कुछ खिलाने पिलाने की कोशिश नहीं करें.


थम्पिंग और पंपिग के दौरान सावधान (Heart Palpitations): हम सब यह जानते हैं कि हार्ट अटैक के दौरान मरीज को थम्पिंग और पंपिग दी जानी चाहिए. लेकिन इस बात में भी सावधानी बरतने की जरूरत है. दिल की धड़कन जाने बिना थम्पिंग और पंपिग (दबाव और जबरदस्ती) करने से परहेज करना चाहिए.

First published: 29 September 2018, 10:36 IST
 
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