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बीते 13 सालों में हर तीसरे दिन एक जवान हुआ देश के लिए शहीद

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 January 2018, 10:35 IST

भारतीय सेना देश के लिए कैसे अपनी जान न्यौछावर करती है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले 13 सालों में जनवरी 2005 से दिसंबर 2017 तक 1,684 जवान ड्यूटी करते हुए देश के लिए शहीद हो गए. आंकड़ों के लिहाज से देखा जाए तो तीन दिन में सेना का एक जवान देश के लिए शहीद होता है. जारी आंकड़ों में कहा गया है कि भारतीय सेना द्वारा यह मौतें युद्धविराम का उल्लंघन, आतंकी घटनाओं में कार्रवाई और शांति मिशन के दौरान हुई हैं. 

टाइम्स ऑफ़ इंडिया कि रिपोर्ट के अनुसार 2016 में 11 अफ़सरों समेत 86 जवान और 2015 में चार अफ़सरों समेत 85 जवानों की जान गई. 15 जनवरी को सेना दिवस के मौके पर जारी इन आंकड़ों में कहा गया है कि पिछले साल 2017 में ही 91 जवान शहीद हुए हैं.

जबकि साल 2016 में 11 अफसर सहित 86 जवान शहीद हुए, वहीं साल 2015 में यह आंकड़ा 4 अफसर सहित 85 जवानों का था. साल 2014 में 65, 2013 में 64, 2012 में 75, 2011 में 71, 2010 में 187, 2009 में 107, 2008 में 71, 2007 में 221 और 2006 में 223 जवान शहीद हुए थे. साल 2015 में सबसे ज्यादा 342 जवान शहीद हुए थे.

पाकिस्तान को एक कड़े संदेश में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि अगर पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को समर्थन और आतंकवादियों की घुसपैठ को जारी रखेगा तो भारत उसके खिलाफ 'कार्रवाई' को बढ़ाएगा.

करिअप्पा परेड ग्राउंड में यहां 70वें सेना दिवस समारोह के अवसर पर सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई का माकूल जवाब दिया जाएगा.

First published: 16 January 2018, 10:35 IST
 
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