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इस गांव में दिखेगा 100 फीसदी सूर्यग्रहण, देखने के लिए की गई है खास व्यवस्था

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 December 2019, 10:09 IST

साल 2019 का आखिरी सूर्यग्रहण शुरू हो चुका है. खगोलविद और अंतरिक्ष प्रेमियों ने इसे देखने के लिए खास व्यवस्था की है क्योंकि अनुमान लगाया जा रहा था कि बादल आसमान को खराब कर सकते हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार जवाहरलाल नेहरू तारामंडल निदेशक प्रमोद गलगली ने बताया कर्नाटक में सुबह 8.06 बजे से 11.11 बजे के बीच तीन घंटे तक सूर्यग्रहण रहेगा लेकिन इसकी दृश्यता मौसम पर निर्भर करेगी.

यहां तारामंडल ने आकाशीय घटना के सुरक्षित देखने की व्यवस्था की है. दक्षिण भारत में यह ग्रहण सबसे स्पष्ट रूप से दिखाई देगा. हालांकि बेंगलुरू पर सूर्य ग्रहण आंशिक होगा. तारामंडल ने सूर्य की छवि को एक स्क्रीन पर प्रोजेक्ट करने के लिए 5 टेलीस्कोप स्थापित किए हैं ताकि दर्शक ग्रहण के सभी चरणों का पालन कर सकें.


तारामंडल ने कहा "एक टेलीस्कोप द्वारा निर्मित सूर्य की छवि, जिसे एक विशेष फिल्टर के साथ फिट किया गया है, उसे एक एलसीडी (लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले) मॉनिटर पर प्रदर्शित किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इस घटना को नग्न आंखों से देखना जोखिम भरा है क्योंकि इसकी तेज किरणें नुकसान पहुंचा सकती हैं.

 

संस्थान ने एक वेल्डर ग्लास भी स्थापित किया है जिसके माध्यम से ग्रहण वाले सूरज को सीधे देखा जा सकता है. यह ग्रहण केरल के कासरगोड और पलक्कड़ के अलावा कोडागु और दक्षिणी राज्य में मंगलुरु में भी दिखाई देगा. दक्षिणी राज्य के कोडागु जिले के एक छोटे से गाँव कुट्टा में ग्रामीण लोग 99-100 प्रतिशत ग्रहण देख सकते हैं क्योंकि यह 12.94 डिग्री अक्षांश और 77.61 डिग्री देशांतर पर एक आदर्श सेटिंग में स्थित है.

एक रिपोर्ट के अनुसार जिले के एक अधिकारी ने बताया "खगोलविद, खगोल-भौतिकविद, छात्रों और ज्योतिषिय कुट्टा गांव क्षेत्र में सूर्यग्रहण का अध्ययन कर रहे है.

2019 का आखिरी सूर्यग्रहण हुआ शुरू, यहां आप भी देख सकते हैं लाइव

First published: 26 December 2019, 10:02 IST
 
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